Fareooq Abdullah : जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेशनल कॉन्फेंस के मुखिया फारूक अब्दुल्ला ने बांग्लादेश में हुए तख्तापलट पर प्रतिक्रिया दी है। फारूक ने मंगलवार को कहा कि शेख हसीना यदि ढाका से भागी नहीं होतीं तो भीड़ उनकी भी हत्या कर दी होती। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था खराब है, उनकी आतंरिक स्थिति ठीक नहीं है। छात्रों ने एक आंदोलन शुरू किया जिसे कोई रोक नहीं पाया। इसे न तो सेना रोक पाई और न ही कोई और। यह एक सबक है।
बांग्लादेश की घटना पर फारूक अब्दुल्ला की प्रतिक्रिया।
हर तानाशाह के लिए सबक है बांग्लादेश की घटना-फारूक
फारूक ने कहा, 'बांग्लादेश में जो कुछ हुआ है, वह दुनिया के हर एक तानाशाह के लिए एक सबक है। एक समय आता है जब लोगों का धैर्य जवाब दे जाता है। बांग्लादेश में यही हुआ है। बांग्लादेश के लोगों में एक भावना है कि दुनिया में कहीं भी अगर मुस्लिमों पर जुर्म होता है, तो उसके खिलाफ आवाज उठाई जानी चाहिए। शेख हसीना अगर वहां से भागी नहीं होतीं तो उनकी भी हत्या कर दी जाती।'
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बांग्लादेश के हालात पर हुई सर्वदलीय बैठक
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने मंगलवार को एक सर्वदलीय बैठक में नेताओं को सूचित किया कि भारत ने बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को मदद का भरोसा दिलाते हुए उन्हें भविष्य की रणनीति तय करने के लिए समय दिया है। सूत्रों ने यह जानकारी दी। सूत्रों ने बताया कि सर्वदलीय बैठक में जयशंकर ने कहा कि हसीना को भारत आए चौबीस घंटे भी नहीं बीते हैं और वह सदमे में हैं। सूत्रों के मुताबिक, जयशंकर ने कहा कि सरकार हसीना को सदमे से उबरने के लिए समय दे रही है और इसके बाद वह उनकी भविष्य की योजनाओं सहित अन्य मुद्दों पर उनसे बात करेगी।
विपक्ष ने सरकार का सहयोग देने की बात कही
सूत्रों के अनुसार, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी समेत विभिन्न विपक्षी नेताओं ने इस मुद्दे पर सरकार को अपना पूरा सहयोग देने की बात कही। वाईएसआर कांग्रेस नेता वी विजयसाई रेड्डी ने कहा कि उनकी पार्टी देश हित में सरकार का समर्थन करती है। बांग्लादेश में आरक्षण विरोधी हिंसक प्रदर्शनों के बीच प्रधानमंत्री हसीना के अचानक इस्तीफा देने और देश छोड़कर जाने से वहां अराजकता की स्थिति पैदा हो गई है। हसीना सोमवार रात बांग्लादेशी वायुसेना के एक सी-130 जे सैन्य विमान से भारत पहुंचीं। बताया जा रहा है कि उनकी लंदन जाने की योजना है।
बांग्लादेशी सेना के संपर्क में है भारत
सूत्रों के मुताबिक, संसद भवन में राजनीतिक दलों के नेताओं को बांग्लादेश की मौजूदा स्थिति के बारे में जानकारी देते हुए जयशंकर ने कहा कि भारत पड़ोसी देश में मौजूद 10 हजार से अधिक भारतीय छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बांग्लादेशी सेना के संपर्क में है। सूत्रों के अनुसार, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी सहित अन्य नेताओं के सवालों के जवाब देते हुए विदेश मंत्री ने बांग्लादेश में अराजकता में विदेशी सरकारों की भूमिका से इनकार नहीं किया, लेकिन उन्होंने जोर देकर कहा कि हालात बहुत संवेदनशील हैं और सरकार पड़ोसी देश के घटनाक्रम पर लगातार नजर रख रही है।
