'हसीना भागी नहीं होतीं तो उनकी हत्या हो गई होती, तानाशाहों के लिए यह सबक है', बांग्लादेश तख्तापलट पर फारूक बोले

Fareooq Abdullah : फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि कि बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था खराब है, उनकी आतंरिक स्थिति ठीक नहीं है। छात्रों ने एक आंदोलन शुरू किया जिसे कोई रोक नहीं पाया। इसे न तो सेना रोक पाई और न ही कोई और। यह एक सबक है। बांग्लादेश में पांच अगस्त को भारी बवाल हुआ।

KEY HIGHLIGHTS
  • बांग्लादेश में पांच अगस्त को भारी बवाल हुआ, भीड़ ने पीएम आवास पर धावा बोला
  • शेख हसीना पीएम पद से इस्तीफा देकर जान बचाकर भारत के लिए रवाना हुई
  • बांग्लादेश में प्रदर्शनकारी उपद्रव कर रहे, हिंदुओं की संपत्तियों को निशाना बना रहे

Fareooq Abdullah : जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेशनल कॉन्फेंस के मुखिया फारूक अब्दुल्ला ने बांग्लादेश में हुए तख्तापलट पर प्रतिक्रिया दी है। फारूक ने मंगलवार को कहा कि शेख हसीना यदि ढाका से भागी नहीं होतीं तो भीड़ उनकी भी हत्या कर दी होती। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था खराब है, उनकी आतंरिक स्थिति ठीक नहीं है। छात्रों ने एक आंदोलन शुरू किया जिसे कोई रोक नहीं पाया। इसे न तो सेना रोक पाई और न ही कोई और। यह एक सबक है।

farooq abdullah

बांग्लादेश की घटना पर फारूक अब्दुल्ला की प्रतिक्रिया।

हर तानाशाह के लिए सबक है बांग्लादेश की घटना-फारूक

फारूक ने कहा, 'बांग्लादेश में जो कुछ हुआ है, वह दुनिया के हर एक तानाशाह के लिए एक सबक है। एक समय आता है जब लोगों का धैर्य जवाब दे जाता है। बांग्लादेश में यही हुआ है। बांग्लादेश के लोगों में एक भावना है कि दुनिया में कहीं भी अगर मुस्लिमों पर जुर्म होता है, तो उसके खिलाफ आवाज उठाई जानी चाहिए। शेख हसीना अगर वहां से भागी नहीं होतीं तो उनकी भी हत्या कर दी जाती।'

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