अफजाल अंसारी की अर्जी पर अब 4 जुलाई को सुनवाई, इलाहाबाद HC ने UP सरकार से मांगा जवाब

  • Authored by: ललित राय
  • Updated May 25, 2023, 02:23 PM IST

Afzal Ansari: कृष्णानंद राय मर्डर केस और नंद किशोर रुंगटा केस का आधार बनाकर अफजाल अंसारी और मुख्तार अंसारी के खिलाफ 2007 में गैंगस्टर एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया था।

Afzal Ansari: गैंगस्टर एक्ट के तहत गाजीपुर से बीएसपी सांसद रहे अफजाल अंसारी को स्पेशल एमपी-एमएलए कोर्ट ने चार साल की सजा सुनाई थी। नियमों के मुताबिक उनकी संसद सदस्यता खुद ब खुद खत्म हो गई। एमपी- एमएलए कोर्ट के फैसले के खिलाफ उन्होंने इलाहाबाद हाईकोर्ट में अर्जी लगाई थी। लेकिन अब सुनवाई चार जुलाई को होगी। हाईकोर्ट ने इस संबंध में यूपी सरकार से जवाब मांगा है। अफजाल अंसारी से जब पूछा गया था कि वो फैसले के संबंध में क्या कहेंग तो उनका जवाब था कि अदालती फैसले के खिलाफ उच्च न्यायालय में अर्जी लगाएंगे। लेकिन उन्हें राजनीतिक वजहों से निशाना बनाया जा रहा है। वो तो गरीबों की आवाज उठाने का काम करते थे। लेकिन उसका खामियाज उन्हें भुगतना पड़ रहा है।

पांच बार विधायक, 2 बार सांसद

अपने लगभग चार दशक के राजनीतिक जीवन में अंसारी ने पांच विधानसभा और दो संसदीय चुनाव जीते हैं, लेकिन सुर्खियों में तभी आया जब मुख्तार अंसारी का मुद्दा सरकार, पुलिस या मीडिया द्वारा उठाया गया। अफजल अक्सर अपने परिवार और मुख्तार की ओर से स्पष्टीकरण देने वाला चेहरा होता। गाजीपुर के एक स्थानीय निवासी कहते हैं कि हमने अफजल अंसारी को कभी भी आपराधिक गतिविधियों में शामिल और लोगों को परेशान करते नहीं देखा। कुछ आपराधिक मामलों में उन्हें मुख्तार के साथ सह-आरोपी बनाया गया है। कानून और राजनीति के अपने ज्ञान के कारण अफजाल को लोग परिवार में दिमाग वाला मानते हैं।चाहे वह चुनाव प्रचार के बारे में हो, या कानूनी लड़ाई लड़ने के लिए हो।

End of Feed