Vikram Misri : विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने मंगलवार को कहा कि खालिस्तानी चरपमंथ का मुद्दा और इससे जुड़े समूह भारत के लिए चिंता का विषय हैं और इसे ब्रिटेन में अपने साझेदारों के ध्यान में लाया गया है। विदेश सचिव ने कहा कि भगोड़ों को प्रत्यर्पित करने के बारे में भारत और ब्रिटेन के बीच बातचीत भी हुई है। पीएम मोदी बुधवार से ब्रिटेन और मालदीव की यात्रा पर रवाना होंगे।
बुधवार से दो देशों के दौरे पर पीएम मोदी
विदेश सचिव ने मंगलवार को एक विशेष प्रेस वार्ता के दौरान ये बातें कहीं, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यूके और मालदीव यात्रा से पहले आयोजित की गई थी। यह यात्रा बुधवार से शुरू हो रही है। विदेश सचिव ने कहा, 'खालिस्तानी चरमपंथियों और उनसे जुड़े संगठनों की मौजूदगी का मुद्दा हमने यूके में अपने साझेदारों के समक्ष उठाया है और हम आगे भी इसे उठाते रहेंगे। यह न केवल हमारे लिए बल्कि हमारे साझेदार देशों के लिए भी चिंता का विषय होना चाहिए, क्योंकि यह वहां की सामाजिक एकता और सामाजिक व्यवस्था को प्रभावित करता है।'
अपने साझेदारों के साथ लगातार संपर्क में है भारत
यूके में मौजूद भगोड़ों से जुड़े एक सवाल के जवाब में विदेश सचिव ने कहा कि ऐसे मामलों में एक कानूनी प्रक्रिया होती है और भारत इस मुद्दे पर यूके के साथ 'बहुत करीबी' तरीके से काम कर रहा है। उन्होंने कहा, 'यूके में भारतीय कानून और भारतीय न्याय प्रणाली से संबंधित कुछ भगोड़े हैं। यह दोनों पक्षों के बीच चर्चा का विषय रहा है और हमने इन भगोड़ों को भारत को सौंपे जाने के लिए अपना पक्ष लगातार रखा है। इस प्रकार के अनुरोधों के लिए एक कानूनी प्रक्रिया होती है, जो उस देश में अपनाई जाती है, और हम इस मुद्दे पर यूके के अपने साझेदारों के साथ लगातार संपर्क में हैं।'
मालदीव भी जाएंगे पीएम
ब्रीफिंग के दौरान विदेश सचिव ने जानकारी दी कि यह प्रधानमंत्री मोदी की यूके की चौथी यात्रा होगी। उन्होंने कहा, 'यह यात्रा भले ही छोटी हो, लेकिन दोनों नेताओं को द्विपक्षीय संबंधों की संपूर्ण समीक्षा करने का अवसर देगी।' उन्होंने आगे कहा, 'भारत और यूके की साझेदारी को 2021 में व्यापक रणनीतिक साझेदारी के रूप में उन्नत किया गया था और तब से उच्च स्तरीय राजनीतिक संवाद लगातार जारी है। दोनों पक्ष इस साझेदारी को और ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।' यूके की यह यात्रा ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर के निमंत्रण पर हो रही है, जबकि मालदीव की राजकीय यात्रा राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू के निमंत्रण पर की जा रही है।
