AI PLane crash : एयर इंडिया प्लेन क्रैश में मारे गए ब्रिटिश नागरिकों की जगह उनके परिवारों को गलत शव भेजे जाने संबंधी मीडिया रिपोर्टों पर विदेश मंत्रालय ने प्रतिक्रिया दी है। विदेश मंत्रालय बुधवार को कहा कि विदेश मंत्रालय के अधिकारी ब्रिटेन में अपने समकक्षों के साथ संपर्क में हैं। मंत्रालय ने स्पष्ट रूप से कहा कि 'सभी पार्थिव शरीरों के साथ अत्यंत पेशेवर तरीका अपनाया गया।'
विषय सामने आते ही हमने इसे गंभीरता से लिया-MEA
MEA के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल की ओर से जारी बयान में कहा गया कि 'हमने रिपोर्ट देखी है और जैसे ही विषय एवं यह चिंता हमारे ध्यान में लाया गया, हमने उसी क्षण ब्रिटेन स्थित अपने समकक्षों के साथ काम करना शुरू कर दिया। इस त्रासदपूर्ण विमान हादसे को देखते हुए संबंधित अधिकारियों ने स्थापित प्रोटोकॉल एवं तकनीकी जरूरतों का पालन करते हुए मारे गए लोगों की पहचान सुनिश्चित की।
'अत्यंत पेशेवर तरीके से भेजे गए पार्थिव शरीर'
बयान में आगे कहा गया, 'सभी पार्थिव शरीरों का रखरखाव अत्यंत पेशेवर तरीके से और उनकी मर्यादा का पूरा सम्मान किया गया। इस संबंध में किसी भी चिंता का समाधान करने के लिए ब्रिटेन के अधिकारियों के साथ हम काम जारी रखे हुए हैं।' डेली मेल की एक रिपोर्ट में दावा किया गया कि एयर इंडिया प्लेन क्रैश में मारे गए ब्रिटिश नागरिकों के परिवारों को कथित रूप से गलत शव भेजे गए। ऐसा शवों की गलत पहचान की वजह से हुआ। यह मामला तब सामने आया जब ब्रिटेन में मृत्यु समीक्षक डॉक्टर फिओना विलकॉक्स ने भेजे गए शवों के डीएनए की मिलान पीड़ित परिवारों से की।
कई पार्थिव शरीर एक ताबूत में रखने का दावा
रिपोर्ट के मुताबिक कम से कम दो मामलों में गलत शव भेजे जाने की जानकारी सामने आई। एक मामले में, एक परिवार को अंतिम संस्कार की योजना रद्द करनी पड़ी जब उन्हें एहसास हुआ कि ताबूत में जो शव था, वह उनके प्रियजन का नहीं था। एक अन्य मामले में, विमान हादसे के मृतकों के कई अवशेष कथित रूप से मिलाकर एक ही ताबूत में रख दिए गए।
