rajkot gaming zone fire bandh by congress: गुजरात में पिछले महीने 25 मई को राजकोट के टीआरपी गेम जोन में आग लगने से 27 मौत हुई थी जिसके बाद गुजरात हाईकोर्ट की फटकार तक सरकार को लगी थी तो दूसरी और राजकोट अग्निकांड पर राजनीति भी शुरू हुई थी, आज उसी को जब एक महीना हुआ था राजकोट बंद किया गया था गुजरात कांग्रेस के द्वारा, कांग्रेस की अपील पर बंद हुए राजकोट में व्यापक असर तक देखा गया था।
सुबह से शाम तक बंद में राजकोट के व्यापारियों ने स्वैच्छिक तरीके से अपनी दुकानें तक बंद रखी, हालांकि कुछ जगह पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं और राजकोट पुलिस में झड़प तक हुई। राजकोट के कालावड रोड पर कुछ कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत तक में लिया। कांग्रेस कार्यकर्ता बंद के बीच सड़क पर चक्काजाम करने पहुंचे थे तब पुलिस से हुई झड़प के बाद सड़क खाली कराने के लिए यह झड़प दिखी।
' गेम जोन में बड़े बड़े अफसर और नेता तक जाते थे जिनकी तस्वीर तक सामने आई है'
गुजरात कांग्रेस अध्यक्ष शक्तिसिंह गोहिल और गुजरात कांग्रेस के सभी नेता ने राजकोट की सड़कों पर निकल कर बंद रखने के लिए लोगों का आभार व्यक्त किया। बंद के बीच शक्तिसिंह गोहिल ने कहा कि अग्निकांड की पहली मासिक बरसी के बाद भी गुजरात सरकार या भाजपा ने पीड़ितों से कोई बातचीत तक नही की। गोहिल ने आरोप लगाते हुए कहा कि SIT की जांच मात्र लीपापोती है, गेम जोन में बड़े बड़े अफसर और नेता तक जाते थे जिनकी तस्वीर तक सामने आई है, ऐसे में सरकार ने सिर्फ छोटे लोगो पर कार्यवाही कर इस मामले को बंद करना चाह रही है।
कम कीमत देख मध्यम और गरीब वर्ग के बच्चे अपने परिजन के साथ वहां पहुंचे थे
गुजरात कांग्रेस ने पीड़ितों को उचित न्याय और उचित मुआवजा मिले इसके लिए सरकार को घेरते हुए कहा कि गेम जोन की 100 रुपए की टिकट था लेकिन घटाकर 99 रुपए क्यों रखा गया ? कम कीमत देख मध्यम और गरीब वर्ग के बच्चे अपने परिजन के साथ वहां पहुंचे थे जिन परिवारों को चिंता तक हमें करनी चाहिए लोगों का आभार व्यक्त करने सड़को पर उतरे गोहिल बोले सरकार अहंकार में है। वह किसी का सुनना तक नही चाहती है, इसलिए कांग्रेस ने रचनात्मक विपक्ष की भूमिका अदा करते हुए राजकोट बंद करवाया था, जिसे राजकोट की जनता तक ने बिना किसी दबाव स्वीकार कर बंद को सफल बनाया।
SIT ने 100 पन्नों की रिपोर्ट गुजरात सरकार को सौंपी है
राजकोट से संदेश पूरे गुजरात में जायेगा कि कांग्रेस पार्टी ही है जो लोगों की आवाज उठाती है और उनकी लड़ाई लड़ती रहेगी। हालांकि SIT ने 100 पन्नों की रिपोर्ट गुजरात सरकार को सौंपी है, गुजरात के गृह मंत्री हर्ष संघवी ने रिपोर्ट प्राप्त कर ली है जिसे आगामी 4 जुलाई को गुजरात हाईकोर्ट में सौंपी जाएगी। गुजरात सरकार ने राजकोट अग्निकांड में नगर निगम में तैनात छह छोटे अधिकारियों को निलंबित किया है जिनमें से कुछ को राजकोट क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार किया है तो कुछ को भ्रष्टाचार के आरोप में अवैध संपति के आरोप में ACB ने गिरफ्तार किया है तो साथ ही गुजरात सरकार ने राजकोट के तीन आईपीएस का तबादला तक किया था और राजकोट नगर निगम के आयुक्त आनंद पटेल का तबादला तक गांधीनगर सामान्य प्रशासन में किया था।
कांग्रेस के साथ साथ स्थानिक लोगों तक ने कहा कि उन बड़े अधिकारियों पर कार्यवाही कब ?
आज के बंद के दौरान तक कांग्रेस के साथ साथ स्थानिक लोगों तक ने कहा कि उन बड़े अधिकारियों पर कार्यवाही कब ? हालाकि 27 लोगों को आग में झुलसकर मौत होने के बाद कांग्रेस ने सीधे तौर पर मामले की जांच किसी रिटायर्ड जज या फिर सुप्रीम कोर्ट या गुजरात हाईकोर्ट की निगरानी में करवाने की मांग तक रख दी थी, अब तक गुजरात हाईकोर्ट में पूरे अग्निकांड की सुओमोटो अर्जी पर हुई सुनवाई में गुजरात हाईकोर्ट तक सवाल खड़े कर चुकी है कि सरकार डिपार्टमेंटल जांच करवा कर बड़े अधिकारियों पर कार्यवाही करे नहीं तो हाईकोर्ट इस बार किसी अधिकारी को बख्श ने वाली नही है।
डिपार्टमेंटल जांच के लिए तीन सदस्यीय IAS की नई समिति का गठन
गुजरात हाईकोर्ट की मुख्य न्यायमूर्ति की बेंच में हो रही सुनवाई में सरकार से राजकोट अग्निकांड पर सारे रिपोर्ट प्राप्त करने के लिए कोर्ट ने एक महीने का वक्त दिया था और 4 जुलाई को मामले की अधिक सुनवाई का वक्त तय किया था ऐसे में गुजरात सरकार द्वारा डिपार्टमेंटल जांच के लिए तीन सदस्यीय IAS की नई समिति का गठन तक किया है लेकिन समिति इस मामले में हाईकोर्ट में अपनी रिपोर्ट द्वारा क्या तर्क रखता है यह देखने वाली बात होगी।
