New Haj Policy 2027: वर्ष 2026 की हज यात्रा को लेकर एक बड़ी और सकारात्मक खबर सामने आई है। केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रीजिजू ने घोषणा की है कि इस साल की हज यात्रा हिंदुस्तान के इतिहास में अब तक की सबसे शानदार और सफल यात्रा रही है। व्यवस्थाओं से खुश होकर देश के हजारों हाजियों ने सरकार का आभार जताया है। इस बेहतरीन प्रबंधन के लिए भारत को दो अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार भी मिले हैं।
अब AI संभालेगा हज की कमान (फोटो: X/@KirenRijiju)
केंद्रीय मंत्री ने यह बातें वर्ष 2027 के हज की तैयारियों को लेकर बुलाई गई एक समीक्षा बैठक के बाद मीडिया से साझा कीं। उन्होंने बताया कि इस साल देश से करीब 1.75 लाख लोग हज पर गए थे, और उन सभी का फीडबैक बेहद शानदार रहा है।
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पहली बार 'अल्पकालिक हज' की सफल शुरुआत
इस बार की हज यात्रा (Haj Yatra) में सरकार ने एक बड़ा और ऐतिहासिक प्रयोग किया था। अमूमन हज यात्रा की पारंपरिक अवधि 40 से 45 दिनों की होती है, जिसके कारण कामकाजी पेशेवरों, बिजनेस करने वालों और बुजुर्गों को लंबे समय तक रुकने में दिक्कत आती थी।
शॉर्ट ड्यूरेशन हज
इस समस्या को दूर करने के लिए भारत सरकार ने पहली बार 'शॉर्ट ड्यूरेशन हज' (अल्पकालिक हज) की शुरुआत की। इसके तहत यात्रा की अवधि को घटाकर सिर्फ 15 से 20 दिन कर दिया गया। इसके लिए सरकार ने 10 हजार सीटों का कोटा तय किया था, जिसे लोगों ने हाथों-हाथ लिया।
अब AI संभालेगा कमान
हज व्यवस्थाओं को और अधिक पारदर्शी और आसान बनाने के लिए मंत्रालय अब तकनीक का सहारा लेने जा रहा है। किरेन रीजीजू ने बताया कि हज की पूरी प्रक्रिया को अब एआई (AI) एप्लिकेशन से जोड़ा जा रहा है।
आने वाले समय में हज के लिए आवेदन करने से लेकर, कागजातों की जांच और पूरी यात्रा के प्रबंधन तक, हर स्तर पर एआई तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। इससे भ्रष्टाचार और गड़बड़ियों पर लगाम लगेगी और आम लोगों का काम घर बैठे तेजी से हो सकेगा।
अगले साल (2027) की हज यात्रा की तैयारियां भी अभी से शुरू कर दी गई हैं। केंद्रीय मंत्री के मुताबिक, अगले कुछ ही दिनों में सरकार नई हज नीति (New Haj Policy) की घोषणा करने वाली है, जिसमें हाजियों की सुविधा के लिए कई और बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
