स्कॉटलैंड के ग्लासगो शहर में खेले जा रहे कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय खिलाड़ियों ने अपने अद्भुत कौशल और अदम्य साहस के बल पर नया इतिहास रच दिया है। प्रतियोगिता के विभिन्न मुकाबलों में भारत के एथलीटों ने स्वर्ण, रजत और कांस्य पदकों की झड़ी लगा दी है। पीएम मोदी और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने खिलाड़ियों के उम्दा प्रदर्शन पर बधाई दी है।
CWG 2026: मुक्केबाजों और पैरा-एथलीटों का ऐतिहासिक धमाका (फाइल फोटो)
अब तक भारतीय दल ने शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए कुल 38 पदक अपनी झोली में डाल लिए हैं, जिनमें 13 स्वर्ण, 17 रजत और 8 कांस्य पदक शामिल हैं। इस स्वर्णिम सफलता के साथ भारत अंक तालिका में ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और कनाडा के बाद चौथे स्थान पर मजबूती से बना हुआ है।
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प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति और रक्षा मंत्री ने जताई खुशी
भारतीय एथलीटों की इस बड़ी उपलब्धि पर देश का शीर्ष नेतृत्व गदगद है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सोशल मीडिया पर बधाई देते हुए कहा कि खिलाड़ियों की यह सफलता देश के खेल जगत के बढ़ते कद को दर्शाती है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने व्यक्तिगत रूप से ट्वीट कर स्वर्ण पदक विजेता मुक्केबाजों साक्षी, प्रिया घंघास, रजत विजेता जादूमणि सिंह और इतिहास रचने वाले सोमन राणा व शुभम जुयाल के प्रदर्शन की तारीफ की। पीएम ने कहा कि यह जीत खिलाड़ियों के कठिन परिश्रम, मानसिक मजबूती और अनुशासित जीवन का परिणाम है।
वहीं रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पैरा-शॉटपुट में भारत की डबल जीत की सराहना करते हुए कहा कि सोमन और शुभम की यह ऐतिहासिक सफलता देश के लाखों युवाओं को बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने के लिए प्रेरित करेगी।
बॉक्सिंग रिंग में भारत का दबदबा: 7 स्वर्ण पदक किए नाम
इस बार कॉमनवेल्थ गेम्स में सबसे बड़ा आकर्षण भारतीय मुक्केबाजों का प्रदर्शन रहा है। मुक्केबाजी में भारत ने अब तक 7 स्वर्ण और 2 रजत सहित कुल 9 पदक जीते हैं। महिला मुक्केबाजों ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए 8 में से 5 गोल्ड और एक सिल्वर पर कब्जा जमाया।
स्वर्ण पदक जीतने वाले मुक्केबाजों में प्रीति पंवार (54 किग्रा), जैस्मिन लांबोरिया (57 किग्रा), साक्षी चौधरी (51 किग्रा), प्रिया घंघास (60 किग्रा), अरुंधति चौधरी (70 किग्रा) और सचिन सिवाच (60 किग्रा) शामिल हैं। इसके अलावा अंकुश पंघल ने भी भारत के लिए मुक्केबाजी में सातवां गोल्ड मेडल पक्का किया। वहीं जादूमणि सिंह और लवलीना बोरगोहेन ने देश को रजत पदक दिलाया। मुक्केबाज नरेंदर बेरवाल (90 किग्रा) भी अभी गोल्ड मेडल की दौड़ में बने हुए हैं।
पैरा-एथलेटिक्स में रचा नया इतिहास
पैरा-शॉटपुट (F57) स्पर्धा में भारत के सोमन राणा ने इतिहास रचते हुए देश को इस खेल में कॉमनवेल्थ गेम्स का पहला गोल्ड मेडल दिलाया। इसी स्पर्धा में भारत के ही शुभम जुयाल ने शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक अपने नाम किया। इसके अतिरिक्त जूडो स्पर्धा में उन्नति शर्मा ने महिलाओं के 63 किग्रा भार वर्ग में कांस्य पदक जीतकर तिरंगा लहराया।
