G20 Summit: जी-20 शिखर सम्मेलन के लिए दुनियाभर के बड़े नेताओं की भारी आवाजाही के कारण दिल्ली से आने-जाने वाले यात्रियों को 8 से 10 सितंबर तक यात्रा संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। यात्रियों को उड़ान भरने और उतरने में भी देरी होगी। शिखर सम्मेलन के दिनों में कुछ अंतरराष्ट्रीय सहित कई घरेलू उड़ानों में भी देरी होगी। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, जी-20 के मद्देनजर 150 से ज्यादा उड़ानें रद्द कर दी गई हैं।
दिल्ली एयरपोर्ट से 150 उड़ानें रद्द
कितनी उड़ानें रद्द हुईं?
दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (डीआईएएल) के प्रवक्ता ने कुछ दिन पहले ही एएनआई को बताया कि अब तक हमें 3 दिनों में लगभग 80 प्रस्थान और 80 आने वाली घरेलू उड़ानों को रद्द करने के अनुरोध मिले हैं। एक अधिकारी ने कहा कि उड़ानों की आवाजाही पर सबसे बड़ा असर शुक्रवार को होगा जब विभिन्न देशों के बड़े नेता शहर में उड़ान भरेंगे और रविवार को जब वे आईजीआई हवाई अड्डे से प्रस्थान करेंगे।
एक अन्य अधिकारी ने बताया कि सभी गणमान्य व्यक्तियों को वीवीआईपी ट्रीटमेंट दिया जाएगा और नियमों का पालन किया जाएगा। उनके विमानों को अन्य नागरिक विमानों से लगभग 2,000 समुद्री मील की दूरी बनाए रखी जाएगी। उन्हें प्राथमिकता लैंडिंग भी दी जाएगी जिससे नागरिक विमानों की आवाजाही में देरी हो सकती है। अधिकारियों के मुताबिक, विमान पार्किंग की जगह आगमन और प्रस्थान के दिनों के लिए आरक्षित कर दी गई है।
यात्रियों के लिए रिफंड
प्रतिबंधों के मद्देनजर एयर इंडिया के अधिकारियों ने घोषणा की कि एयरलाइन 7 से 11 सितंबर तक तारीख/उड़ान परिवर्तन पर एकमुश्त छूट प्रदान करेगी। इंडिगो भी उपभोक्ताओं को दोबारा समायोजित उड़ानें लेने का विकल्प प्रदान करेगा। सरकारी प्रतिनिधियों ने यह भी दावा किया कि केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के अधिकारियों और आयोजकों ने हवाई अड्डे पर कड़ी सुरक्षा को लेकर बैठकों में भाग लिया था।
