कर्नाटक के बेल्लारी में साल के पहले ही दिन हुई हिंसा के मामले में गृह मंत्री जी.परमेश्वर ने बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि हिंसा की शुरुआती जांच में पता चला है कि हिंसक झड़पों के दौरान जिस गोली से एक व्यक्ति की मौत हुई थी वह गोली पुलिस के हथियार से नहीं चलाई गई थी। उन्होंने शनिवार को कहा कि शुरुआती जांच के अनुसार यह गोली पुलिस के गोला-बारूद से मेल नहीं खाती और संभवतः किसी निजी रिवॉल्वर से चलाई गई थी।
कर्नाटक के गृह मंत्री जी परमेश्वर (बाएं), मुख्यमंत्री सिद्दारमैया (बीच में) उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार (दाएं) (फोटो साभार: @DrParameshwara)
गौरतलब है कि बेल्लारी के कुछ इलाकों में गुरुवार को उस समय तनाव फैल गया था, जब बेल्लारी नगर से कांग्रेस विधायक नारा भरत रेड्डी और गंगावती से भाजपा विधायक जी. जनार्दन रेड्डी के समर्थकों के बीच बैनर लगाने को लेकर कथित तौर पर हिंसक झड़प हो गई। इस दौरान दोनों पक्षों की ओर से पथराव किया गया। इतना ही नहीं दोनों पक्षों ने गोलीबारी भी की,जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई।
हिंसा पर और क्या बोले गृहमंत्री
जी परमेश्वर राव ने इस मामले में यह भी बताया कि घटनास्थल पर मौजूद लोगों से जब्त किए गए सभी हथियारों की बैलिस्टिक जांच कराई जाएगी। जिस गोली से व्यक्ति की मौत हुई है,उसे फॉरेंसिक जांच के लिए लैब भेज दिया गया है और रिपोर्ट आने के बाद स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी। मैंने एडीजीपी (कानून-व्यवस्था) को मौके पर भेजा था, जो अब भी घटनास्थल पर मौजूद हैं। उन्होंने बताया कि शिकायतों और प्रति-शिकायतों के आधार पर कई लोगों के खिलाफ प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज की गई हैं और सभी मामलों की गहन जांच की जा रही है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए गए हैं और विभाग को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
राजनीतिक बयानबाजी पर नाराजगी जताते हुए परमेश्वर ने कहा कि तथ्यों की स्थापना सबसे जरूरी है और पुलिस उसी दिशा में काम कर रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसी भी नेता ने भड़काऊ बयान दिए,तो कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी। गृह मंत्री ने यह भी बताया कि रिपोर्ट मिलने के बाद अगर जरूरी हुआ तो वह स्वयं बेल्लारी का दौरा करेंगे।
एसपी को क्यों हटाया गया ये भी बताया
इस बीच,घटना के बाद बेल्लारी के पुलिस अधीक्षक पवन नेज्जुर के निलंबन को लेकर पूछे गए सवाल पर परमेश्वर ने कहा कि एसपी को मौके पर मौजूद रहना चाहिए था। वे वहां रहते आवश्यक निर्देश जारी करते और स्थिति को नियंत्रण में लेते।ऐसा न होने के कारण उन्हें निलंबित किया गया है। इस पर जब संवाददाताओं ने यह बताया कि पवन नेज्जुर ने घटना से कुछ ही घंटे पहले कार्यभार संभाला था,तो गृह मंत्री ने कहा कि ड्यूटी तो ड्यूटी होती है। क्या वह पुलिस विभाग में नए हैं?एसपी स्तर के अधिकारी को तुरंत जिम्मेदारी लेनी चाहिए थी और हालात पर काबू पाना चाहिए था।
