देश में इन दिनों सोशल मीडिया पर एक खास राजनीतिक अभियान 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) की खूब चर्चा हो रही है। इसी बीच, सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस मार्कंडेय काटजू ने डिजिटल दुनिया में 'इश्क करो पार्टी' नाम से एक नए और अनूठे इनिशिएटिव की शुरुआत कर दी है। जस्टिस काटजू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर इस नई पार्टी के गठन का एलान करते हुए लोगों, खासकर युवाओं से इसके साथ जुड़ने की अपील की है। उन्होंने इस डिजिटल पार्टी का आधिकारिक संरक्षक खुद को बताया है और शामिल होने के इच्छुक लोगों के लिए एक ईमेल आईडी भी जारी की है। बाद में उन्होंने इस पार्टी का लक्ष्य और उद्देश्य भी जारी किया।
सोशल मीडिया पर किया ऐलान (AI Image)
'यह कोई मजाक नहीं, गंभीर प्रयास है'
जस्टिस काटजू ने अपनी पोस्ट में उन लोगों को आड़े हाथों लिया जो इस नाम को सुनकर इसे महज एक पैरोडी या मजाक समझ रहे हैं। उन्होंने साफ किया कि कुछ लोग सोच सकते हैं कि यह युवक-युवतियों के बीच केवल रोमांस या 'वैलेंटाइन डे' मनाने जैसी कोई बचकानी पहल है, लेकिन यह उनकी बहुत बड़ी गलतफहमी है। काटजू के मुताबिक, 'इश्क करो पार्टी' का गठन देश के सामने खड़ी बेहद गंभीर और बुनियादी समस्याओं से निपटने के लिए एक बड़ा और वास्तविक वैचारिक आंदोलन है।
क्यों पड़ी 'इश्क करो पार्टी' की जरूरत?
जस्टिस काटजू ने अपने इस नए मंच के उद्देश्यों को साझा करते हुए भारत की मौजूदा व्यवस्था और राजनीति पर तीखे सवाल उठाए। उन्होंने अपनी पोस्ट में देश की कई बड़ी चुनौतियों का जिक्र किया। ग्लोबल हंगर इंडेक्स का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि देश में हर दूसरा बच्चा कुपोषण का शिकार है और हाल के दिनों में यह स्थिति और भी चिंताजनक हुई है। आम जनता के लिए रोजगार, स्वास्थ्य सेवाएं और अच्छी शिक्षा का स्तर बेहद खराब है, जबकि जरूरी चीजों की कीमतें आसमान छू रही हैं। काटजू ने आरोप लगाया कि आज के स्वार्थी राजनेता सिर्फ सत्ता और पैसे के भूखे हैं। वे जनता की भलाई के बजाय अपने वोट बैंक के लिए लोगों को जाति, धर्म और संप्रदाय के नाम पर बांट रहे हैं।
काटजू का मानना है कि जब तक देश के लोग आपस में एकजुट नहीं होंगे, तब तक इन बड़ी समस्याओं से नहीं लड़ा जा सकता। इसलिए, समाज में नफरत के खिलाफ 'इश्क' यानी आपसी प्रेम और भाईचारे को बढ़ावा देना ही इस पार्टी का मुख्य लक्ष्य है, ताकि एक बड़े जन-संघर्ष की नींव रखी जा सके।
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'कॉकरोच जनता पार्टी' के फाउंडर पर निशाना
अपनी इस नई पहल के दौरान जस्टिस काटजू ने सोशल मीडिया पर इस समय ट्रेंड कर रही 'कॉकरोच जनता पार्टी' के संस्थापक अभिजीत दीपके पर भी तीखा तंज कसा। हाल ही में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में हुई कथित गड़बड़ियों को लेकर अभिजीत दीपके ने देश के शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की थी, जिसके समर्थन में 6 जून को दिल्ली के जंतर-मंतर पर सैकड़ों युवाओं ने प्रदर्शन भी किया था। अभिजीत की इस मांग पर तंज कसते हुए काटजू ने कहा कि ऐसी मांगें नासमझी को दर्शाती हैं। उन्होंने तर्क दिया कि अगर शिक्षा मंत्री इस्तीफा दे भी देते हैं, तो उनकी जगह कोई दूसरा नेता मंत्री बन जाएगा, लेकिन इससे पूरी व्यवस्था में क्या बदलाव आएगा? काटजू का इशारा साफ था कि व्यक्ति बदलने के बजाय पूरी सोच और व्यवस्था को बदलना जरूरी है।
