जबरन धर्मांतरण गंभीर केस, मजहब की आजादी पर डालता है असर, केंद्र को उठाने होंगे कदम- SC ने कहा

  • Edited by: अभिषेक गुप्ता
  • Updated Nov 14, 2022, 05:40 PM IST

Supreme Court on Forcefully Religious Conversion: अदालत ने कहा- केंद्र 22 नवंबर, 2022 तक इस बाबत हलफनामा दाखिल करे, जबकि अगली सुनवाई 28 नवंबर, 2022 को होगी।

Supreme Court on Forcefully Religious Conversion: जबरन धर्मांतरण के मुद्दे को सुप्रीम कोर्ट ने ‘बहुत गंभीर’ करार दिया है। कोर्ट ने दो टूक कहा कि यह गंभीर केस है और मजहब की स्वतंत्रता को प्रभावित करता है। ऐसे में केंद्र को इसके लिए कदम उठाने होंगे। अदालत की यह टिप्पणी सोमवार (14 नवंबर, 2022) को आईं।

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तस्वीर का इस्तेमाल सिर्फ प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है।

कोर्ट ने चेताया कि अगर जबरन धर्मांतरण को नहीं रोका गया तो एक ‘‘बहुत मुश्किल स्थिति’’ पैदा हो जाएगी। जस्टिस एम.आर. शाह और जस्टिस हिमा कोहली की बेंच ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से कहा कि सरकार प्रलोभन के जरिए धर्मांतरण पर रोक लगाने के लिए उठाए गए कदमों के बारे में बताए।

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