केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज रिकॉर्ड नौवीं बार केंद्रीय बजट पेश किया। इस बजट में कई अहम घोषणाएं की गई हैं। बजट पेश करने के बाद उन्होंनें प्रेस कांफ्रेंस भी की, जिसमें सरकार की भविष्य की योजनाओं और बजट का लेखा जोखा बताया। प्रेक कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि कैसे संरचनात्मक सुधार, तकनीक का विस्तार और टियर-2 व टियर-3 शहरों पर खास निवेश के जरिए अर्थव्यवस्था को मजबूती दी जाएगी। सेमीकंडक्टर मिशन से लेकर रेयर अर्थ कॉरिडोर तक,बजट के ये ऐलान भारत को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़े कदम माने जा रहे हैं।
बजट के बाद निर्मला सीतारमण ने की प्रेस कांफ्रेंस
उन्होंने कहा कि सरकार अर्थव्यवस्था की विकास गति को बनाए रखने के लिए ठोस कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि सतत आर्थिक विकास सुनिश्चित करने के लिए संरचनात्मक सुधारों पर लगातार काम किया जा रहा है और आगे भी ये सुधार जारी रहेंगे। उन्होंने कहा कि हम अर्थव्यवस्था के लिए रास्ता तैयार कर रहे हैं और उसे आगे बढ़ाने के लिए एक मजबूत प्रोत्साहन दे रहे हैं,ताकि विकास की गति बनी रहे। उस विकास की गति या सतत आर्थिक विकास को सुनिश्चित करने के लिए हम संरचनात्मक सुधारों के साथ एक इकोसिस्टम बनाने पर ध्यान दे रहे हैं,जो आगे भी जारी रहेंगे।
टियर-2 और टियर-3 शहरों को हर साल मिलेंगे 1000 करोड़ रुपये
वित्त मंत्री ने शहरों की भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि शहर भारत के विकास, नवाचार और अवसरों के इंजन हैं। सरकार अब टियर-2 और टियर-3 शहरों के साथ-साथ मंदिर नगरों पर भी ध्यान केंद्रित कर रही है, जहां आधुनिक बुनियादी ढांचे और मूलभूत सुविधाओं की जरूरत है। इस बजट के तहत शहरों की आर्थिक क्षमता को और मजबूत करने के लिए सिटी इकोनॉमिक रीजन (CER) की मैपिंग का प्रस्ताव किया गया है। इसके तहत प्रत्येक CER के लिए पांच वर्षों में 5,000 करोड़ रुपये के आवंटन का प्रस्ताव है, जिसे सुधार और परिणाम आधारित फाइनेंसिंग मैकेनिज्म के तहत लागू किया जाएगा। प्रेस कॉन्फ्रेंस में वित्त मंत्री ने कहा कि हर शहर को प्रति वर्ष 1,000 करोड़ रुपये दिए जा रहे हैं और जोर मुख्य रूप से टियर-2 और टियर-3 शहरों पर होगा।
सेमीकंडक्टर मिशन में दो बड़े ऐलान
इसके अलावा, वित्त मंत्री ने सेमीकंडक्टर मिशन का जिक्र करते हुए बताया कि सेमीकंडक्टर मिशन में दो बड़े ऐलान किए गए हैं, जो इंडिया स्टैक और आईपी (बौद्धिक संपदा) से जुड़े मामलों में सुधार लाएंगे। इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स मैन्युफैक्चरिंग स्कीम के तहत 40,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिससे इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलेगा।भारत में रेयर अर्थ कॉरिडोर स्थापित किए जाएंगे
उन्होंने यह भी घोषणा की कि भारत में रेयर अर्थ कॉरिडोर स्थापित किए जाएंगे, ताकि देश अपनी आवश्यकताओं को खुद पूरा कर सके और बाहरी स्रोतों पर निर्भरता कम हो। इन रेयर अर्थ कॉरिडोरों के लिए ओडिशा, केरल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु को चुना गया है।
वित्त मंत्री के अनुसार, इन कदमों से भारत की मैग्नेट्स और रेयर अर्थ मिनरल्स पर निर्भरता कम होगी और भारतीय अर्थव्यवस्था पर इसका बहुआयामी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा दुर्लभ बीमारियों की दवाओं को लेकर भी बड़ा एलान किया। उन्होंने कहा कि आयात शुल्क से छूट की सूची में सात और दुर्लभ बीमारियों को जोड़ा गया है। यात्रा के दौरान अपने साथ लाए जाने वाले सामान और निजी वस्तुओं के बैगेज क्लियरेंस पर अब पहले से अधिक ड्यूटी-फ्री छूट दी जा रही है। इसके अलावा, प्रत्यक्ष कर (डायरेक्ट टैक्स) और अप्रत्यक्ष कर (इनडायरेक्ट टैक्स) से जुड़े कई प्रस्ताव भी किए गए हैं
बजट 2026-27 में गैर-ऋण प्राप्तियों का अनुमान 36.5 लाख करोड़ रुपये और कुल व्यय का अनुमान 53.5 लाख करोड़ रुपये लगाया गया है। केंद्र सरकार की शुद्ध कर प्राप्तियां 28.7 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है। सकल बाजार उधारी 17.2 लाख करोड़ रुपये और दिनांकित प्रतिभूतियों से शुद्ध बाजार उधारी 11.7 लाख करोड़ रुपये आंकी गई है। संशोधित अनुमान के अनुसार, गैर-ऋण प्राप्तियां 34 लाख करोड़ रुपये और केंद्र की शुद्ध कर प्राप्तियां 26.7 लाख करोड़ रुपये हैं। कुल व्यय का संशोधित अनुमान 49.6 लाख करोड़ रुपये है, जिसमें लगभग 11 लाख करोड़ रुपये पूंजीगत व्यय शामिल है।
वित्त वर्ष 2026-27 के लिए राजकोषीय घाटा सकल घरेलू उत्पाद का 4.3 प्रतिशत रहने का अनुमान
वित्त वर्ष 2026-27 के लिए राजकोषीय घाटा सकल घरेलू उत्पाद (GDP) का 4.3 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जबकि 2025-26 के संशोधित अनुमान में यह 4.4 प्रतिशत रहा है। कर्ज-से-जीडीपी अनुपात 2026-27 में 55.6 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जो 2025-26 के संशोधित अनुमान में 56.1 प्रतिशत था।
