FM Nirmala Sitharaman Interview with Times Now Navbharat: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि कांग्रेस के सांसद राहुल गांधी की ओर से विदेशी धरती पर देश विरोधी टिप्पणियां करना कोई संयोग नहीं हैं। वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को नापसंद करते हैं। यही वजह है कि विदेश में भारत की बुराई करने का कोई भी मौका नहीं छोड़ते। वह देश के बारे में बाहर जाकर नकारात्मक बातें फैलाते हैं। वह लगातार ऐसा कर रहे हैं। ये बातें शुक्रवार (15 सितंबर, 2023) को उन्होंने 'टाइम्स नेटवर्क' की ग्रुप एडिटर और 'टाइम्स नाऊ नवभारत' की एडिटर-इन-चीफ नाविका कुमार से कहीं। दरअसल, वह इस दौरान इंटरव्यू आधारित शो"फ्रैंकली स्पीकिंग विथ नाविका कुमार" में थीं। मोदी की मंत्री ने विपक्षी गठजोड़ इंडिया, सनातन धर्म, संसद के स्पेशल सेशन, मणिपुर हिंसा, अणाडी केस सरीखे विभिन्न मसलों पर बेबाकी से अपनी राय रखी।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के साथ इंटरव्यू के दौरान टाइम्स नाऊ नवभारत की एडिटर-इन-चीफ नाविका कुमार।
सनातन धर्म पर छिड़े सियासी संग्राम को लेकर उन्होंने दावा किया, "हिंदुओं के खिलाफ नफरत और एक खास किस्म की जाति के खिलाफ जहर फैलाने का काम डीएमके पिछले 70 साल से करती आई है।" विस्तृत बातचीत के दौरान आगे उन्होंने यह आरोप भी लगाया- कांग्रेस चीफ मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी कहा कि सनातन धर्म को हटा दिया जाना चाहिए। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (सीपीएम) के सदस्यों ने भी ऐसा ही कहा। ये पूरा इंडिया गठबंधन सनातन धर्म के खिलाफ है।
विपक्षी गठजोड़ इंडिया ब्लॉक की ओर से कुछ न्यूज एंकर्स/पत्रकारों के बहिष्कार के मसले पर सीतारमण ने कहा- उन लोगों में मीडिया और उनके सवालों के जवाब देने का साहस नहीं है। ऐसे में यह चीज तो आप मीडिया वालों के लिए सम्मान का एक बैज है। वे मोहब्बत की दुकान चलाने की बात करते हैं, मगर वे आप लोगों के प्रति नफरत जाहिर कर रहे हैं।
दो विपक्षी दलों के सीएम (अशोक गहलोत और भूपेश बघेल) की ओर से जी-20 सम्मेलन के रात्रिभोज का बहिष्कार करने के मसले पर वह दो टूक बोलीं- हिमाचल प्रदेश के कांग्रेसी सीएम तो वहां थे। मुख्यमंत्री किसी पार्टी का प्रतिनिधित्व नहीं करते हैं। वे सूबे के लोगों को रीप्रेजेंट करते हैं। वे लोगों के जवाबों के प्रति बाध्य होते हैं। ऐसे में डिनर का बायकॉट करना राष्ट्रपति का द्रौपदी मुर्मू अपमान है। आप उनका अपमान कर रहे हैं?
संसद के स्पेशल सेशन और उसकी कार्यसूची जाहिर करने के मसले पर वित्त मंत्री बोलीं, "कांग्रेस हर चीज को मुद्दा बनाना चाहती है। एजेंडा (संसद के विशेष सत्र) घोषित करने की एक प्रक्रिया होती है, जो कि हम करेंगे। आपको उसके लिए इंतजार करना चाहिए।" क्या सरकार जातिगत जनगणना के लिए तैयार है? बातचीत के दौरान यह पूछे जाने पर उन्होंने कहा- आपने इस मसले पर पार्टी को सुना है और मुझे नहीं लगता है कि मुझे इस विषय में कुछ बोलना चाहिए।
