Assam Elections: असम में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव के मद्देनजर राज्य में सत्तारूढ़ भाजपा के नेताओं ने दो दिनों तक विचार-विमर्श किया तथा संगठनात्मक रणनीति का खाका तैयार किया। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि बैठक में हुई चर्चा पार्टी नेतृत्व के लिए चुनाव की तैयारियों को आगे बढ़ाने का आधार बनेगी।
असम भाजपा की दो दिवसीय बैठक (फोटो साभार: @DilipSaikia4Bjp)
भाजपा की असम इकाई के अध्यक्ष दिलीप सैकिया ने बैठक के समापन के बाद रविवार को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट में लिखा, ''मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्वा सरमा और भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) बीएल संतोष की सम्मानित उपस्थिति में दो दिवसीय भाजपा की असम इकाई की संगठनात्मक बैठक आयोजित की गई।''
उन्होंने बताया कि यह बैठक गुवाहाटी के बाहरी इलाके सोनापुर के एक रिसॉर्ट में आयोजित की गई थी।सैकिया ने कहा कि मुख्य रूप से जिन मुद्दों पर चर्चा हुई उनमें राज्य का राजनीतिक परिदृश्य, संगठनात्मक रणनीतियां और 2026 के विधानसभा चुनाव के लिए प्रारूप तैयार करना शामिल था।
भाजपा की बैठक में 51 शीर्ष नेता हुए शामिल
सरमा ने बाद में एक कार्यक्रम से इतर संवाददाताओं से कहा कि बैठक में विधानसभा चुनाव की तैयारी, घोषणापत्र तैयार करने, उम्मीदवार चयन, अभियान रणनीति और विभिन्न अन्य पहलुओं पर ध्यान केंद्रित किया गया। उन्होंने कहा कि बैठक में भाजपा के 51 वरिष्ठ सदस्यों ने भाग लिया।
क्या कुछ बोले सरमा?
सरमा ने मौजूदा विधायकों को दोबारा मैदान में उतारने के सवाल पर कहा कि सभी विधायकों को टिकट मिलना संभव नहीं है। कुछ खुद चुनाव नहीं लड़ना चाहेंगे। कुछ को हटा दिया जाएगा। फिर, परिसीमन के कारण, कुछ अपने निर्वाचन क्षेत्र खो देंगे जबकि कुछ सीटें अब अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित होंगी।
उन्होंने कहा कि पार्टी की उम्मीदवार सूची में नए चेहरे होंगे, लेकिन संख्या के बारे में अनुमान लगाना जल्दबाजी होगी। सरमा ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस पर कई योजनाएं शुरू की जाएंगी, जिनकी हमने अभी तक केवल घोषणा ही की है, जिससे भाजपा की संभावनाएं 100 प्रतिशत तक बढ़ जाएगी।
