India-Pakistan Mediation Claim: विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के इस दावे को खारिज कर दिया है कि उन्होंने भारत-पाकिस्तान युद्ध विराम में मध्यस्थता (India-Pakistan ceasefire) की थी। डच ब्रॉडकास्टर एनओएस को दिए गए इंटरव्यू में जयशंकर ने कहा कि इसमें किसी तीसरे पक्ष की भागीदारी नहीं थी। उन्होंने कहा, 'हमने हमसे बात करने वाले सभी लोगों से, न केवल संयुक्त राज्य अमेरिका से, बल्कि सभी से एक बात बहुत स्पष्ट कर दी थी कि यदि पाकिस्तानी लड़ाई रोकना चाहते हैं, तो उन्हें हमें बताना होगा, हमें यह बात उनसे सुननी होगी, उनके जनरल को हमारे जनरल को फोन करके यह बात कहनी होगी और यही हुआ।'
विदेश मंत्री एस जयशंकर
संघर्ष विराम में मध्यस्थता के ट्रंप के दावे के बारे में पूछे जाने पर जयशंकर ने कहा, 'यह हमारे और पाकिस्तानियों के बीच का मामला है। हम इसे द्विपक्षीय रूप (Bilaterally) से निपटाने का प्रस्ताव रखते हैं।'
ऑपरेशन सिंदूर पर बोलते हुए जयशंकर ने कहा कि इसे उकसावे की वजह से नहीं बल्कि ज़रूरत के चलते शुरू किया गया था और भारत इसे फिर से करने में संकोच नहीं करेगा। जयशंकर ने कहा, 'ऑपरेशन जारी है क्योंकि उस ऑपरेशन में एक स्पष्ट संदेश है- अगर 22 अप्रैल को हमने जैसी हरकतें देखीं, वैसी हरकतें फिर से होती हैं, तो जवाब दिया जाएगा हम आतंकवादियों पर प्रहार करेंगे। अगर आतंकवादी पाकिस्तान में हैं, तो हम उन्हें वहीं मारेंगे, जहां वे हैं।'
'शुरू से ही पाकिस्तान ने छद्म सेना का इस्तेमाल किया और इसमें शामिल होने से इनकार किया'
उन्होंने कहा, 'शुरू से ही पाकिस्तान ने छद्म सेना का इस्तेमाल किया और इसमें शामिल होने से इनकार किया। लगभग आजादी के समय ही पाकिस्तान ने छद्म सेना भेजी और दावा किया कि वे आदिवासी हैं। बाद में पता चला कि वे पाकिस्तानी सेना के लोग थे, जिनमें से कुछ वर्दी में थे और कुछ नहीं थे।'
'भारत के पास कार्रवाई करने का अधिकार है'
जयशंकर ने कहा कि भारत के पास कार्रवाई करने का अधिकार है। उन्होंने कहा, 'ऑपरेशन जारी रखना एक-दूसरे के साथ लड़ने जैसा नहीं है। फिलहाल, लड़ाई और सैन्य कार्रवाई रोकने पर सहमति बनी है। इसलिए ऑपरेशन अभी शांत है।' जयशंकर ने खुलासा किया कि 10 मई को हॉटलाइन संचार के माध्यम से युद्ध विराम की अपील पाकिस्तान ने ही की थी। उन्होंने कहा, 'यह पाकिस्तानी सेना थी जिसने संदेश भेजा कि वे गोलीबारी बंद करने के लिए तैयार हैं और हमने तदनुसार जवाब दिया।'
