Morari Bapu on Odisha Train Accident: ओडिशा के बालासोर जिले में शुक्रवार की शाम लगभग सात बजे शालीमार-चेन्नई सेंट्रल कोरोमंडल एक्सप्रेस (Coromandel Express Accident) और बेंगलुरु-हावड़ा एक्सप्रेस ट्रेन के पटरी से उतरने और एक मालगाड़ी से टकराने से यह हादसा हुआ। दोनों यात्री ट्रेन में करीब 2500 यात्री सवार थे। दुर्घटना में 21 डिब्बे पटरी से उतर गए और गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गए, जिससे सैकड़ों यात्री फंस गए। दोनों यात्री रेलगाड़ियां तीव्र गति से चल रही थीं और विशेषज्ञों ने इसे हताहतों की अधिक संख्या के मुख्य कारणों में से एक बताया है।
मोरारी बापू ने मृतकों के परिजनों के लिए प्रति शोक संवेदना प्रकट कीं और 50 लाख रूपयों की सहायता राशि भेजी है
ओडिशा के बालासोर की भीषण ट्रेन दुर्घटना इस साल की ये सबसे भीषण रेल दुर्घटना मानी जाएगी। इस दुर्घटना में प्राप्त खबरों के अनुसार 280 से ज्यादा लोगों ने अपने प्राण गवाएं हैं एवं 900 से ज्यादा लोग हताहत भी हुए हैं।
मुरारी बापू (Morari Bapu ) इन दिनों अपनी रामकथा को लेकर कोलकाता में है, जब उन्हें ये समाचार प्राप्त हुए थे तो उन्होंने सभी मृतक लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए 50 लाख रुपए की सहायता राशि अर्पित की हैं।
रामकथा के विदेश स्थित श्रोता द्वारा यह सहायता राशि पहुंचाई जाएगी
मुरारी बापू ने सभी मृतकों के निर्वाण के लिए श्री हनुमान जी के चरणों में प्रार्थना की है । इस दुर्घटना में जो घायल हुए हैं वो जल्द से जल्द पुनः अपना स्वास्थ्य प्राप्त करें ऐसी शुभकामना भी व्यक्त की है । जो लोग इस घटना में मारे गए हैं उनके परिवारजनों के प्रति अपनी संवेदना प्रेषित की है ।
अस्पताल का मुर्दाघर कफन में लिपटे शवों से भरा हुआ था
अस्पताल का मुर्दाघर कफन में लिपटे शवों से भरा हुआ था और यात्रियों के व्याकुल परिजनों से खचाखच भरा हुआ था।देशभर से लोगों ने इस त्रासदी पर शोक व्यक्त किया और कई राज्यों तथा पार्टियों ने अपने कार्यक्रमों को रद्द कर दिया। दुनिया के विभिन्न देशों के नेताओं ने भी इस हादसे को लेकर दुख जताया गया। विपक्षी नेताओं ने शनिवार को रेलवे द्वारा यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने के महत्व पर जोर दिया। कई नेताओं ने इस हादसे में जवाबदेही तय करने और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के इस्तीफे की भी मांग की।
ओडिशा रेल हादसा: प्रारंभिक जांच रिपोर्ट सौंपी गई
ओडिशा के बालासोर जिले में शुक्रवार को हुए रेल हादसे की जांचकर्ता मानवीय त्रुटि, सिग्नल फेल होने और अन्य संभावित पहलुओं से जांच कर रहे हैं। अधिकारियों ने इस भयावह रेल हादसे की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट सौंपी है। हादसे में कम से कम 288 यात्रियों की मौत हुई और 1100 से अधिक यात्री घायल हैं।
पीएम मोदी बोले- 'अपना दर्द बयां करने के लिए मेरे पास शब्द नहीं
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दुर्घटनास्थल का दौरा किया और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के साथ-साथ आपदा प्रबंधन दलों के अधिकारियों ने उन्हें जानकारी दी। उन्होंने अस्पताल में कुछ घायलों से भी मुलाकात की। मोदी ने कहा, 'अपना दर्द बयां करने के लिए मेरे पास शब्द नहीं हैं। रेल हादसे के लिए दोषी पाये जाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। किसी को बख्शा नहीं जाएगा।'
90 ट्रेनों को रद्द किया गया
रेल हादसे के बाद करीब 90 ट्रेन को रद्द किया गया है जबकि 46 ट्रेन के मार्ग में परिवर्तन किया गया। इसके साथ ही 11 ट्रेन को उनके गंतव्य से पहले ही रोक दिया गया है। हादसे के कारण प्रभावित ज्यादातर ट्रेन दक्षिण और दक्षिण-पूर्व रेलवे जोन की हैं।
