अभिजीत दीपके, सौरभ दास और आशुतोष रांका रिहा, अदालत की शर्त- एक साल तक रखनी होगी शांति

सीजेपी नेता अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका और सौरभ दास को आज सुबह 9 बजे दिल्ली कैंट पुलिस स्टेशन में कार्यकारी मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया जहां से इन्हें रिहा कर दिया गया।

कॉकरोच जनता पार्टी नेता अभिजीत दीपके, सौरभ दास और आशुतोष रांका को पुलिस हिरासत से रिहा कर दिया गया है। एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट की अदालत में इनकी पेशी के बाद इन्हें रिहा करने का आदेश सुनाया गया। जंतर-मंतर विरोध प्रदर्शन से पहले दिल्ली हवाई अड्डे पर हिरासत में लिए जाने के बाद कॉकरोच जनता पार्टी के नेता अभिजीत दिपके, आशुतोष रांका और सौरभ दास को एहतियाती तौर पर हिरासत में लिया गया था, लेकिन रविवार को कार्यकारी मजिस्ट्रेट के सामने पेश किए जाने के बाद उन्हें रिहा कर दिया गया। सीजेपी की कानूनी मामलों की प्रमुख रत्ना सिंह ने बताया कि उन्हें इस शर्त पर रिहा किया गया है कि वे एक साल तक शांति भंग नहीं करेंगे।

CJP leaders

दीपके, दास और रांका रिहा

एक साल तक शांति भंग नहीं करने की शर्त

BNSS की धारा 126 कहती है कि अगर प्रिवेंटिव डिटेंशन हुआ है तो सिर्फ इसी शर्त पर छोड़ा जाएगा कि हिरासत में लिया गया व्यक्ति अधिकतम एक साल तक शांति भंग नहीं करेगा। इन तीनों नेताओं ने कानूनन मजिस्ट्रेट के सामने एक निजी मुचलके या पर्सनल बॉन्ड पर साइन किया और वचन दिया कि एक साल तक शांति भंग नहीं करेंगे। अगर ये शर्त तोड़ते हैं तो इसके लिए एक जुर्माना राशि होती है वो देनी होती है, अन्यथा बॉन्ड जब्त हो जाता है। मजिस्ट्रेट चाहे तो एक साल में से बचे हुए समय के लिए जेल भेज सकता है।

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