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Electoral Bonds Case: 2019 से अब तक खरीदे गए 22,217 चुनावी बॉन्ड, SBI ने हलफनामा दाखिल कर सुप्रीम कोर्ट को दी जानकारी

  • Authored by: गौरव श्रीवास्तव
  • Updated Mar 13, 2024, 01:54 PM IST

Electoral Bonds Case: SBI ने चुनावी बॉन्ड मामले में SC में हलफनामा दाखिल कर दिया है। SBI के चेयरमैन दिनेश खारा ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल कर बताया कि 1 अप्रैल 2019 से 15 फरवरी 2024 के बीच 22217 चुनावी बॉन्ड खरीदे गए हैं। जिसमें से 22030 कैश करवाए गए हैं।

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SBI ने हलफनामा दाखिल कर SC को दी चुनावी बॉन्ड की जानकारी।

Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल

Electoral Bonds Case: स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने चुनावी बॉन्ड मामले में सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल कर दिया है। SBI के चेयरमैन ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल कर बताया कि 1 अप्रैल 2019 से 15 फरवरी 2024 के बीच 22,217 चुनावी बॉन्ड खरीदे गए हैं। स्टेट बैंक के सीएमडी दिनेश खारा ने चुनावी बॉन्ड को लेकर दाखिल किए हलफनामे में कहा कि कोर्ट के आदेश का अनुपालन हो गया है। 1 अप्रैल 2019 से 11 अप्रैल 2019 के बीच 3346 बॉन्ड खरीदे गए तो 1609 ही भुनाए(Redeem)गए। 12 अप्रैल 2019 से लेकर 15 फरवरी 2024 के बीच कुल 18871 बॉन्ड खरीदे गए और 20421 बॉन्ड राजनीतिक दलों में भुनाए या कैश कराए गए। एसबीआई ने इलेक्टोरल बॉन्ड से जुड़ा सारा डेटा चुनाव आयोग को डिजिटल फॉर्मेट में दिया है।

187 इलेक्ट्रोल बॉन्ड को राजनीतिक पार्टियों के द्वारा कैश नही करवाया गया

एसबीआई ने अपने हलफनामे में कहा है कि बैंक ने सीलबंद लिफाफे में एक पेनड्राइव में दो पीडीएफ फाइल के जरिए सामग्री सौंपी है जो पासवर्ड से संरक्षित हैं। एसबीआई ने अपने हलफनामा में यह भी कहा कि जिन राजनीतिक पार्टियों के द्वारा इलेक्ट्रोल बॉन्ड के पैसा कैश नहीं करवाया गया है वह पैसा प्रधानमंत्री रिलीफ फंड में चला जाएगा। वहीं एसबीआई ने अपने हलफनामे में ये भी बताया है कि 187 इलेक्ट्रोल बॉन्ड का पैसा राजनीतिक पार्टियों के द्वारा कैश नही करवाया गया वह पैसा प्रधानमंत्री रिलीफ फंड को चला गया है। इस हलफनामे में SBI चेयरमैन ने चुनाव आयोग को भेजे गए पत्र को भी सलंग्न किया है। इसके मुताबिक, चुनावी बांड खरीदेने वाली जानकारी ,इनको भुनाने वाली राजनीतिक पार्टियों की जानकारी दी गई है।

गौरव श्रीवास्तव
गौरव श्रीवास्तवauthor

टीवी न्यूज रिपोर्टिंग में 10 साल पत्रकारिता का अनुभव है। फिलहाल सुप्रीम कोर्ट से लेकर कानूनी दांव पेंच से जुड़ी हर खबर आपको इस जगह मिलेगी। साथ ही चुनाव आयोग, विपक्ष के राजनीतिक घटनाक्रम से लेकर हर जनहित मुद्दे पर मेरी नजर रहती है।

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