इलेक्टोरल बॉन्ड: इन पार्टियों को नहीं मिला एक पैसे का भी चंदा, एक राष्ट्रीय पार्टी भी लिस्ट में शामिल

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Mar 18, 2024, 11:31 AM IST

Electoral Bonds Case: इलेक्टोरल बॉन्ड योजना लागू होने के बाद भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) ने घोषणा की थी कि वह चुनावी बॉण्ड के माध्यम से धन प्राप्त नहीं करेगी। लिहाजा पार्टी ने कोई भी जानकारी सुप्रीम कोर्ट को नहीं दी है। जबकि बहुजन समाज पार्टी (BSP), असदुद्दीन औवैसी की AIMIM और इंडियन नेशनल लोकदल (इनलोदे) को भी चुनावी बॉन्ड के माध्यम से कोई भी रकम प्राप्त नहीं हुई है।

Electoral Bonds Case:चुनाव आयोग ने एक दिन पहले इलेक्टोरल बॉन्ड से जुड़े नए आंकड़े पेश किए हैं। ये आंकड़े एक सीलबंद लिफाफे में सुप्रीम कोर्ट को सौंपी गई थी। बाद में कोर्ट ने चुनाव आयोग को इस जानकारी को सार्वजनिक करने को कहा था। चुनाव आयोग की ओर से सामने आई नई जानकारी के मुताबिक, कई राजनीतक दलों को 2019 से 2020 के बीच करोड़ों रुपये का चंदा मिला है। इसमें भारतीय जनता पार्टी (BJP) टॉप पर है, जिसे 6,986.5 करोड़ रुपये का चंदा मिला।

Electoral Bonds

इलेक्टोरल बॉन्ड

इसके बाद दूसरे नंबर पर पश्चिम बंगाल की सत्तारूढ़ पार्टी तृणमूल कांग्रेस (1,397 करोड़ रुपये), कांग्रेस (1,334 करोड़ रुपये) और भारत राष्ट्र समिति (1,322 करोड़ रुपये) का स्थान रहा। हालांकि, कुछ पार्टियां ऐसी भी हैं जिन्हें इलेक्टोरल बॉन्ड के माध्यम से एक भी पैसे का चंदा नहीं मिला है। दरअसल, इन दलों ने सुप्रीम कोर्ट को इससे संबंधित कोई भी जानकारी नहीं सौंपी है। इसमें एक राष्ट्रीय पार्टी भी शामिल है।

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