'अदालत के धैर्य की नहीं लें परीक्षा...', मद्रास हाई कोर्ट ने आखिर क्यों कही यह बात? जानें पूरा मामला

Karthigai Deepam Row: मद्रास हाई कोर्ट की मदुरै पीठ ने शुक्रवार को टिप्पणी की कि वह न्यायपालिका को अपमानित करने वाली टिप्पणियों को बर्दाश्त नहीं करेगी। हाई कोर्ट ने कहा कि कानून का उल्लंघन करने वाले लोग सोचते हैं कि कोई प्रतिक्रिया नहीं होगी। कृपया अपने मुवक्किलों को निर्देश दें कि वे अदालत के धैर्य की परीक्षा नहीं लें और न्यायपालिका का अपमान नहीं करें।

Karthigai Deepam Row: मद्रास हाई कोर्ट की मदुरै पीठ ने शुक्रवार को टिप्पणी की कि वह न्यायपालिका को अपमानित करने वाली टिप्पणियों को बर्दाश्त नहीं करेगी। तिरुप्परनकुंद्रम दीप प्रज्ज्वलन (कार्तिगई दीपम) विवाद में रिट याचिका दायर करने वालों का प्रतिनिधित्व कर रहे अधिवक्ता एम.आर. वेंकटेश ने जब मदुरै हाई कोर्ट की खंडपीठ को सूचित किया कि एक दरगाह के पास तिरुप्परनकुंद्रम पर्वत के प्राचीन पत्थर के स्तंभ पर दीप प्रज्ज्वलित करने की अनुमति देने वाले एकल न्यायाधीश के खिलाफ व्यक्तिगत टिप्पणियां की जा रही हैं, तो हाई कोर्ट ने कहा कि टिप्पणी करने वालों को याद रखना चाहिए कि वे अदालत के धैर्य की परीक्षा नहीं लें।

madras high court

मद्रास हाई कोर्ट (फाइल फोटो)

हाई कोर्ट की सख्त चेतावनी

हाई कोर्ट ने कहा, ‘‘कानून का उल्लंघन करने वाले लोग सोचते हैं कि कोई प्रतिक्रिया नहीं होगी। कृपया अपने मुवक्किलों को निर्देश दें कि वे अदालत के धैर्य की परीक्षा नहीं लें और न्यायपालिका का अपमान नहीं करें।’’ हाई कोर्ट ने चेतावनी दी कि अगर वे न्यायिक संस्था को ऐसे ही हतोत्साहित करते रहेंगे तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

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