महाकुंभ में भगदड़ की घटना को क्यों प्रमुखता से उजागर नहीं होने दिया, CM योगी ने बताई वजह

CM Yogi on Mahakumbh stampede : आदित्यनाथ ने कहा कि लाखों श्रद्धालुओं के अलावा, 13 अखाड़ों के संतों को भी उस सुबह अमृत स्नान करना था। उन्होंने बताया कि ऐसे आयोजनों में अक्सर दो बड़ी चुनौतियां सामने आती हैं- संतों के बीच स्नान का क्रम तय करना, जिससे ऐतिहासिक रूप से विवाद होते रहे हैं, और यह सुनिश्चित करना कि अनुष्ठान सुबह चार बजे निर्धारित समय पर सुचारू रूप से हो।

CM Yogi on Mahakumbh stampede : महाकुंभ में बीते एक महीने पहले मची भगदड़ में 30 लोगों की मौत की घटना पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रतिक्रिया दी है। सीएम ने सोमवार को कहा कि भगदड़ की घटना के बाद हालात को संभालने के लिए उनकी सरकार ने तेजी से काम किया और यह सुनिश्चित किया कि घटना को प्रमुखता से न दिखाया और बताया जाए क्योंकि ऐसा होने पर शहर और मेले में मौजूद करोड़ों लोगों के बीच दहशत का माहौल बन जाता। सीएम ने केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) की उस रिपोर्ट को भी खारिज किया जिसमें महाकुंभ स्थल से लिए गए जल के सैंपल में बैक्टीरिया के बढ़े हुए स्तर की बात कही गई थी। सीएम योगी ने कहा कि सीपीसीबी ने बाद में स्वीकारा कि यह मात्रा ज्यादा नहीं है।

CM Yogi Adityanath

उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ।

29 जनवरी को मची थी भगदड़, 30 लोगों की जान गई

बता दें कि बीते 29 जनवरी को महाकुंभ में भगदड़ हुई। इस भगदड़ में दबने से 30 लोगों की जान चली गई और 60 अन्य घायल हो गए। लखनऊ में भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) के अधिकारियों और भारतीय डाक सेवा के अधिकारियों की एक बैठक को संबोधित करते हुए आदित्यनाथ ने कहा, 'हमने इस घटना को अत्यधिक उजागर नहीं होने दिया, क्योंकि उस समय प्रयागराज और कुंभ मेला क्षेत्र में आठ करोड़ श्रद्धालु और संत मौजूद थे, तथा अफरा-तफरी से स्थिति और खराब हो सकती थी।' महाकुंभ के प्रमुख स्नान दिवस मौनी अमावस्या पर संगम घाट पर हुई भगदड़ में कम से कम 30 श्रद्धालुओं की मौत हो गई।

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