Delhi Car Blast: राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने गुरुवार को फरीदाबाद के धौज गांव में बड़ी कार्रवाई की। सूत्रों के मुताबिक, एजेंसियों ने शब्बीर नामक व्यक्ति के घर पर छापेमारी की और वहां से एक ग्राइंडर जब्त किया है। आतंकी डॉक्टरों ने फरीदाबाद में न केवल अमोनियम नाइट्रेट का 3 हजार किलो का जखीरा गांव के गोपनीय ठिकानों में इकट्ठा किया था, बल्कि इस उर्वरक को पीसकर बारूद के तौर पर इस्तेमाल करने के लिए आटा चक्की भी लगा रखी थी।
डॉक्टर मुजम्मिल के घर मिली आटा चक्की की मशीनें।(फोटो सोर्स: टाइम्स नाउ डिजिटल)
ग्राइंडर मशीन में यूरिया पीसता था आतंकी
सूत्रों के मुताबिक, आतंकी डॉक्टर मुजम्मिल के घर ऐसी ही आटा चक्की की मशीनें मिली हैं। जांच एजेंसियों को शक है कि इन मशीनों का इस्तेमाल तबाही का सामान तैयार करने के लिए किया जा रहा है।
जानकारी के मुताबिक शब्बीर को मुजम्मिल ने ये ग्राइंडर मशीन दिया था जिससे वो यूरिया को पीस सके और एक्सप्लोसिव के लिए तैयार कर सके। अब एजेंसियां शब्बीर से पूछताछ कर रही है। दुकानदार के मुताबिक एजेंसी के लोग आए थे उन्होंने पूछताछ की और फिर शब्बीर को ले गए।
आतंकी डॉक्टर के घर से मिला आटा चक्की।(फोटो सोर्स: टाइम्स नाउ डिजिटल)
टैक्सी ड्राइवर के घर से आटा चक्की बरामद
एनआईए की टीम ने बुधवार की देर रात फरीदाबाद के गांव धोज में रह रहे एक टैक्सी ड्राइवर के घर से आटा चक्की और कुछ इलेक्ट्रिकल मशीन बरामद किया। आटा चक्की का इस्तेमाल डॉक्टर मुजम्मिल धोज में किराए पर लिए उसके कमरे में करता था। इसी कमरे से 9 नवंबर को जम्मू कश्मीर और फरीदाबाद की पुलिस ने 360 किलो अमोनियम नाइट्रेट और अन्य विस्फोटक बरामद किया था।
आशंका जताई जा रही है कि मुजम्मिल उस कमरे में यूरिया को आटा चक्की में पीसकर पहले बारीक करता था, फिर इलेक्ट्रिकल मशीन से उसको रिफाइन कर इकट्ठा करता थ। साथ ही केमिकल तैयार करता था।
एनआईए की टीम को डॉक्टर मुजम्मिल ने पूछताछ में बताया कि वह काफी समय से यूरिया से अमोनियम नाइट्रेट को रिफाइंड करने के लिए आटा पीसने वाली चक्की का इस्तेमाल करता था। उसकी जानकारी पर ही पर ही बुधवार रात टैक्सी ड्राइवर के घर पर छापेमारी की गई।
हॉस्टल में यूरिया पीसता था आतंकी डॉक्टर
मुजम्मिल अल फलाह यूनिवर्सिटी के हॉस्टल नंबर 15 में रहता था, यहीं बताया जा रहा है कि उसने ग्राइंडर मशीन लिया और यहीं पे वो यूरिया को पीसा करता था, इसके अलावा यूनिसवर्ती के लैब से भी कुछ केमिकल्स को वो ले जाया करता था जिसका इस्तेमाल वो विष्फोटक बनाने में किया करता था।
