देश में भर्ती और प्रवेश परीक्षाओं में पेपर लीक और धांधली के बढ़ते मामलों को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने एक बड़ा और सख्त कदम उठाया है। दिल्ली पुलिस ने अपने क्राइम ब्रांच विभाग के अंतर्गत एक विशेष टास्क फोर्स (STF) का गठन किया है। यह नई टीम केवल प्रतियोगी और सार्वजनिक परीक्षाओं में होने वाले अपराधों, पेपर लीक और अनुचित साधनों के इस्तेमाल की जांच पर ध्यान केंद्रित करेगी।
पेपर लीक माफिया पर कसता शिकंजा (फाइल फोटो)
आधिकारिक आदेश के अनुसार, इस विशेष इकाई का गठन 'सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम' के तहत किया गया है, जिसे दिल्ली पुलिस कमिश्नर की ओर से मंजूरी मिल चुकी है। इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य विभिन्न केंद्रीय एजेंसियों द्वारा आयोजित की जाने वाली परीक्षाओं में होने वाली गड़बड़ियों की त्वरित, पेशेवर और निष्पक्ष तरीके से जांच सुनिश्चित करना है।
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इन बड़ी एजेंसियों की परीक्षाओं पर रहेगी पैनी नजर
यह स्पेशल टास्क फोर्स केंद्र सरकार की प्रमुख भर्ती और प्रवेश परीक्षा आयोजित करने वाली संस्थाओं के मामलों को संभालेगी। आदेश के तहत एसटीएफ के पास निम्नलिखित परीक्षाओं की जांच का अधिकार होगा:
- संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) और कर्मचारी चयन आयोग (SSC)
- रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) और इंस्टीट्यूट ऑफ बैंकिंग पर्सनल सिलेक्शन (IBPS)
- नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA)
- विभिन्न मंत्रालयों, विभागों और उनके अधीनस्थ कार्यालयों की भर्ती परीक्षाएं
जांच और अदालत में तेज पैरवी पर रहेगा फोकस
दिल्ली पुलिस की यह स्पेशल टास्क फोर्स न केवल मामलों की गहराई से जांच करेगी, बल्कि अभियोजन एजेंसियों (Prosecuting Agencies) के साथ भी तालमेल बिठाएगी। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना होगा कि आरोपियों को जल्द सजा मिले और अदालतों में मामलों का निपटारा तेजी से हो सके।
इस पूरी इकाई की कमान क्राइम ब्रांच के पुलिस उपायुक्त के हाथों में होगी, जबकि इसका संपूर्ण पर्यवेक्षण और प्रशासनिक नियंत्रण क्राइम ब्रांच के विशेष पुलिस आयुक्त (Special CP) करेंगे।
