यासीन मलिक और इंजीनियर रशीद की बढ़ीं मुश्किलें, मनी लॉन्ड्रिंग केस में आरोप तय; कोर्ट ने दिया बड़ा आदेश

दिल्ली की एक अदालत ने यासीन मलिक, इंजीनियर रशीद और पांच अन्य आरोपियों के खिलाफ कथित हवाला फंडिंग और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पीएमएलए के तहत आरोप तय करने का आदेश दिया है। ईडी का आरोप है कि आरोपियों ने पाकिस्तान से कथित तौर पर धन प्राप्त कर अलगाववादी गतिविधियों में इस्तेमाल किया।

दिल्ली की एक अदालत ने जेल में बंद अलगाववादी नेता यासीन मलिक, बारामूला के सांसद शेख अब्दुल रशीद उर्फ इंजीनियर रशीद और पांच अन्य आरोपियों के खिलाफ जम्मू-कश्मीर में अलगाववादी गतिविधियों के लिए हवाला के जरिए पाकिस्तान से कथित तौर पर धन प्राप्त करने से जुड़े धन शोधन मामले में मुकदमा चलाने का आदेश दिया है। विशेष न्यायाधीश प्रशांत शर्मा ने आरोपियों के अपराध में शामिल होने का मजबूत संदेह व्यक्त करने के लिए रिकॉर्ड पर पर्याप्त सामग्री पाते हुए सात आरोपियों के खिलाफ धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत आरोप तय करने का आदेश दिया।

Engineer Rashid Yasin Malik

यासीन मलिक और इंजीनियर रशीद

8.94 करोड़ रुपये कैसे अर्जित किए

ईडी का आरोप है कि आरोपियों ने विभिन्न माध्यमों से 8.94 करोड़ रुपये की अपराध से आय अर्जित की, प्राप्त की, अंतरित की, छिपाई, अपने अधिकार में रखी और उसका इस्तेमाल किया। आरोपियों में प्रतिबंधित जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (जेकेएलएफ) के प्रमुख यासीन मलिक, अलगाववादी नेता शब्बीर अहमद शाह, बारामूला के सांसद शेख अब्दुल रशीद, मसरत आलम, जहूर अहमद शाह वटाली, नवल किशोर कपूर और मैसर्स ट्रिसन फार्म्स एंड कंस्ट्रक्शंस प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं।

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