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Delhi Classroom Scam: क्लासरूम घोटाले में सिसोदिया और सत्येंद्र जैन की और बढ़ सकती है मुश्किलें, ACB ने 20 लोगों के बयान किए दर्ज

Delhi Classroom Scam: दिल्ली के पूर्व मंत्रियों मनीष सिसोदिया और सत्येंद्र जैन से जुड़े भ्रष्टाचार मामले में दिल्ली पुलिस की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (ACB) ने इंजीनियरों, ठेकेदारों और शिक्षा विभाग के अधिकारियों सहित लगभग 20 व्यक्तियों के बयान दर्ज किए हैं।

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क्लासरूम घोटाले में सिसोदिया, जैन से पूछताछ के समक्ष 20 बयान दर्ज किए गए

Photo : ANI

Classroom Scam: कथित कक्षा निर्माण भ्रष्टाचार मामले में दिल्ली पुलिस की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (ACB) ने इंजीनियरों, ठेकेदारों और शिक्षा विभाग के अधिकारियों सहित लगभग 20 व्यक्तियों के बयान दर्ज किए हैं। सूत्रों के अनुसार, पुलिस ने एक आर्किटेक्ट से भी पूछताछ की है, जिसके बैंक खाते में ठेकेदारों से कथित तौर पर पैसे आए थे। उल्लेखनीय है कि इस सरकारी परियोजना में आधिकारिक तौर पर किसी आर्किटेक्ट की नियुक्ति नहीं की गई थी, जिससे गंभीर सवाल उठ रहे हैं कि आर्किटेक्ट के खाते में पैसे कैसे और क्यों ट्रांसफर किए गए। यह वित्तीय सुराग अब जांच का अहम पहलू बन गया है।

दिल्ली के पूर्व मंत्रियों मनीष सिसोदिया और सत्येंद्र जैन को पूछताछ के लिए बुलाने से पहले एसीबी अधिकारियों ने गहन और तकनीकी रूप से विस्तृत जांच की है। क्लासरूम निर्माण में हुए वित्तीय नुकसान का आकलन करने के लिए दो इंजीनियरों को विशेष रूप से शामिल किया गया था। एसीबी ने पहले मुख्य तकनीकी परीक्षक को पत्र लिखकर मामले के तकनीकी पहलुओं का मूल्यांकन करने के लिए विशेषज्ञ सहायता मांगी थी। इस कदम का उद्देश्य यह पता लगाना था कि निर्माण के दौरान जानबूझ कर लागत बढ़ाई गई थी या प्रक्रियागत अनियमितताएं थीं। तैयारियां पूरी हो जाने तथा अनेक गवाहियां दर्ज हो जाने के बाद अब मामला दो पूर्व मंत्रियों से उच्च स्तरीय पूछताछ की ओर अग्रसर होता दिख रहा है।

2 हजार करोड़ का है कथित घोटाला

इस बीच, भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने सरकारी स्कूलों में कक्षाओं के निर्माण में कथित 2000 करोड़ रुपये के भ्रष्टाचार घोटाले को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) के मंत्रियों मनीष सिसोदिया और सत्येंद्र जैन को समन जारी किया। मंत्री सत्येंद्र जैन को 6 जून को एसीबी कार्यालय में बुलाया गया था और मनीष सिसोदिया को 9 जून को अदालत में पेश होने के लिए कहा गया था। भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (एसीबी) की पुलिस उपायुक्त श्वेता सिंह चौहान के एक बयान के अनुसार, यह मामला भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रवक्ता हरीश खुराना, भाजपा विधायक कपिल मिश्रा और भाजपा के मीडिया संबंध विभाग के नीलकंठ बख्शी द्वारा आप मंत्रियों के खिलाफ दर्ज कराई गई शिकायत के बाद आया है। इन मंत्रियों पर अर्ध-स्थायी कक्षाओं के निर्माण की लागत बढ़ाने का आरोप लगाया गया है।

चौहान के अनुसार, मामले की जांच में लागत में भारी वृद्धि और खरीद नियमों के उल्लंघन का खुलासा हुआ, जिसमें 34 ठेकेदार आम आदमी पार्टी (आप) से जुड़े थे। चौहान ने कहा कि हमें पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और पूर्व पीडब्ल्यूडी मंत्री सत्येंद्र जैन के खिलाफ शिकायत मिली थी। घोटाला 2000 करोड़ रुपये से अधिक का है। कक्षाएं अर्ध-स्थायी संरचनाएं थीं और लागत अनुमान लगभग 2400000 रुपये प्रति कक्षा था, जो उस समय प्रचलित बाजार दर से अधिक था। शिकायत में 2892 करोड़ रुपये की कथित लागत से लगभग 12748 कक्षाओं के निर्माण में अनियमितताओं का आरोप लगाया गया है। उन्होंने दावा किया कि आवंटित निविदाओं के अनुसार, प्रति कक्षा लागत लगभग 24.86 लाख रुपये थी, जबकि दिल्ली में इसी तरह की संरचना लगभग पांच लाख रुपये में बनाई जा सकती थी।

Shashank Shekhar Mishra
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शशांक शेखर मिश्रा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल (www.timesnowhindi.com) में बतौर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। इन्हें पत्रकारिता में करीब 5 वर्षों का अनुभव है। इन पांच सालों में देश की राजनीति से लेकर देश-दुनिया में बनते-बिगड़ते सत्ता समीकरणों एवं घटनाओं को कवर करने का अनुभव है। राजनीति, रक्षा और आटोमोबाइल्स की खबरों में विशेष रूचि के साथ खोजी पत्रकारिता और स्टिंग ऑपरेशन का भी अनुभव है। टाइम्स नाउ नवभारत में देश-दुनिया की खबरों के साथ रियल टाइम डेस्क पर कार्य करने का अनुभव है। शशांक ने इन 5 वर्षों के पत्रकारिता के कैरियर के दौरान टेलीविजन और डिजिटल मीडिया में कार्य करने का अनुभव हासिल किया है। टाइम्स नाउ नवभारत में बतौर कॉपी एडिटर जुड़ने से पहले जागरण न्यू मीडिया, इनशार्ट्स, जी हिंदुस्तान और न्यूज हेल्पलाइन में सब एडिटर, रिपोर्टर और असिस्टेंट प्रोड्यूसर के तौर पर काम कर चुके हैं। पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। इसके बाद एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन से पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन एंड टीवी जर्नलिज्म किया हैं। शशांक को जिम जाना, एडवेंचर एक्टिविटी करना और नई तकनीक को जानना और समझना बेहद पसंद है। इसके अलावा शशांक को ड्राइव करना और अध्यात्म में भी काफी रुचि हैं। शशांक शेखर मिश्रा उत्तर प्रदेश की राजधानी और नवाबों के शहर के रूप में फेमस लखनऊ से ताल्लुक रखते हैं।

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