Defence Ministry: देश की सीमाओं की सुरक्षा और भारतीय सेना को मजबूती प्रदान करने के लिए गुरुवार को रक्षा मंत्रालय ने बड़ा फैसला किया है। जानकारी के मुताबिक, रक्षा मंत्रालय ने रक्षा बलों के लिए विभिन्न हथियार प्रणालियों की खरीद के लिए 70,000 करोड़ रुपये से अधिक के प्रस्तावों को मंजूरी दे दी। अधिकारियों के मुताबिक, इस सौदे में भारतीय नौसेना के लिए एचएएल से 60 यूएच समुद्री हेलिकॉप्टर खरीदने के लिए 32,000 करोड़ रुपये का मेगा ऑर्डर शामिल है।
भारतीय सेना (प्रतीकात्मक फोटो)
राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक रक्षा अधिकारियों ने बताया, रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में रक्षा अधिग्रहण परिषद की बैठक गुरुवार को हुई, जिसमें विभिन्न हथियार प्रणाली खरीदने के लिए प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इस फैसले के लिए रक्षा मंत्रालय सेना, नौसेना, वायु सेना और इंडियन कोस्ट गार्ड के लिए हथियार खरीदेगी।
जानें क्या फैसले हुए बैठक में
रक्षा अधिग्रहण परिषद की बैठक में भारतीय सेना के लिए 307 ATAGS हॉवित्जर टैंक, नौसेना के लिए 60 मेड इन इंडिया यूटिलिटी मरीन हेलीकॉप्टर, शक्ति ईडब्ल्यू सिस्टम और ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल की खरीद की जाएगी, जिसकी कीमत 56 हजार करोड़ रुपये है। इसके अलावा भारतीय कोस्ट गॉर्ड के लिए के लिए 9 ALH ध्रुव हेलिकॉप्टर खरीदने के प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है। वहीं, भारतीय वायु सेना के लिए लॉन्ग रेंज स्टैंड-ऑफ वेपन को मंजूरी मिली है, इसे SU-30 MKI विमान पर एकीकृत किया जाना है।तट रक्षक बल को मिलेंगे चार हेलिकॉप्टर
रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, भारतीय तट रक्षक बल के लिए 3800 करोड़ रुपये से ज्यादा के 9 धुव्र मार्क चार हेलिकॉप्टरों का अधिग्रहण किया जाएगा। अधिकारियों ने बताया, नौसेना के लिए खरीदे जा रहे यूएस मरीन हेलिकॉप्टर धुव्र हेलिकॉप्टर का ही एक वैरिएंट है, जो 2025-26 तक समुद्री सीमाओं की निगरानी व अन्य जरूरतों के लिए तैयार हो जाएगा। खास बात यह है कि रक्षा मंत्रालय ने इस रक्षा रखीद में मेक इन इंडिया को प्राथमिकता दी है।
