Sukhbir Badal performs sewa-शिरोमणि अकाली दल के नेता सुखबीर सिंह बादल ने जानलेवा हमले के एक दिन बाद गुरुवार को कड़ी सुरक्षा के बीच पंजाब के रूपनगर जिले में तख्त केसगढ़ साहिब के बाहर 'सेवादार' की ड्यूटी निभाई। जेड प्लस सुरक्षा प्राप्त पूर्व उपमुख्यमंत्री सुरक्षाकर्मियों से घिरे आनंदपुर साहिब गुरुद्वारे पहुंचे। नीले रंग की 'सेवादार' वर्दी पहने बादल एक हाथ में भाला लिए गुरुद्वारे के प्रवेश द्वार पर बैठे थे।
सुखबीर सिंह बादल
धार्मिक सजा भुगत रहे बादल
वह सिखों की धार्मिक संस्था अकाल तख्त द्वारा सुनाई गई धार्मिक सजा भुगत रहे हैं, जो 2007 से 2017 तक पंजाब में शिरोमणि अकाली दल सरकार और उनकी पार्टी द्वारा की गई कथित गलतियों के लिए दी गई है। अमृतसर में स्वर्ण मंदिर के अलावा अकाल तख्त ने बादल को तख्त केसगढ़ साहिब, तख्त दमदमा साहिब और मुक्तसर और फतेहगढ़ साहिब में दरबार साहिब में दो-दो दिन 'सेवादार' की सेवा करने के लिए कहा है।
बुधवार को स्वर्ण मंदिर में अपनी तपस्या के दूसरे दिन बादल बाल-बाल बच गए थे जब एक पूर्व खालिस्तानी आतंकवादी ने उन पर करीब से गोली चलाई, लेकिन सादे कपड़ों में मौजूद पुलिसकर्मियों ने हमलावर को काबू में कर लिया जिसके कारण गोली नहीं चली। बादल के तख्त केसगढ़ साहिब दौरे से पहले पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे।
रूपनगर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गुलनीत सिंह खुराना ने कहा कि सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। अधिकारियों ने बताया कि सादे कपड़ों में पुलिसकर्मियों को भी तैनात किया गया है और पुलिस हर चीज पर नजर रख रही है। बादल के अलावा शिअद के नेता और कार्यकर्ता गुरुद्वारे में मौजूद थे।
बता दें कि पुलिस ने हमलावर की पहचान डेरा बाबा नानक निवासी और एक पूर्व आतंकवादी नारायण सिंह चौरा के रूप में की तथा हमले के बाद सुरक्षा अधिकारी उसे अपने साथ ले गए और उसे गिरफ्तार कर लिया।अमृतसर के पुलिस आयुक्त गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने कहा कि पुलिस की सतर्कता के कारण बादल पर हमला विफल कर दिया गया।
