Assam panchayat Polls Result: असम में कड़ी सुरक्षा के बीच लगातार मतगणना जारी रहने के साथ भाजपा सभी पंचायत निकायों में आगे चल रही है। निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन के बाद पहली बार असम के 27 जिलों में 2 और 7 मई को दो चरणों में पंचायत चुनाव हुए थे। दोनों चरणों के लिए मतपत्रों से डाले गए मतों की गिनती रविवार को सुबह 8 बजे शुरू हुई थी। असम राज्य चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, भाजपा ने आंचलिक पंचायत निर्वाचन क्षेत्रों के 242 सदस्यों पर जीत हासिल की है, जबकि इसकी सहयोगी असम गण परिषद (AGP) ने अब तक 30 सीटें हासिल की हैं। विपक्षी कांग्रेस ने 34 सीटों पर कब्जा किया है, जिसमें से एक-एक सीट रायजोर दल और एआईयूडीएफ ने जीती है और 14 सीटें निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीती हैं।
असम पंचायत चुनाव में बीजेपी जीत की ओर
जिला परिषद में भाजपा ने 26 सीटें जीती
जिला परिषद में भाजपा ने 26 सीटें जीती हैं, जबकि उसकी सहयोगी एजीपी तीन सीटों पर विजयी हुई है। एएसईसी के आंकड़ों के अनुसार, किसी अन्य पार्टी ने अभी तक जिला परिषद निर्वाचन क्षेत्रों में अपना खाता नहीं खोला है। इनके साथ ही ग्राम पंचायत की हजारों सीटों के नतीजे भी घोषित किए गए हैं, लेकिन ये सभी निर्दलीय हैं क्योंकि उम्मीदवारों को पार्टी टिकट पर चुनाव लड़ने की अनुमति नहीं थी।
एएसईसी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने पीटीआई को बताया, मतगणना कल सुबह (रविवार) से ही लगातार जारी है। अलग-अलग लोगों और टीमों ने पूरी रात नतीजे घोषित करने के लिए काम किया। हमें उम्मीद है कि कल तक (मंगलवार) अंतिम नतीजे आ जाएंगे।
39 केंद्रों पर मतपत्रों की गिनती
उन्होंने बताया कि राज्य भर के सभी 39 केंद्रों पर मतपत्रों की गिनती चल रही है। कुल सीटों में 21,920 ग्राम पंचायत सदस्य शामिल हैं, जिनमें 10,883 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित हैं। 2,192 आंचलिक पंचायत सदस्यों के लिए भी मतदान हुआ, जिनमें 1,124 महिलाओं के लिए आरक्षित हैं और 397 जिला परिषद सदस्यों के लिए भी मतदान हुआ, जिनमें 199 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित हैं। 2,912 उम्मीदवार निर्विरोध जीत गए हैं जिनमें 34 जिला परिषद सदस्य, 311 आंचलिक पंचायत सदस्य और 2,567 जीपी वार्ड सदस्य शामिल हैं।
मतदान के दौरान कुछ हिंसा और रुकावटों को देखते हुए प्रशासन ने सभी मतगणना केंद्रों पर पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था की है। दो चरणों में हुए पंचायत चुनावों में कुल 1,80,36,682 मतदाताओं में से 74.71 प्रतिशत ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया था।
