मोदी सरकार पर बरसे खरगे, स्कूली शिक्षा की स्थिति को बताया चिंताजनक, बोले- गिर रहा सीखने का स्तर

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने स्कूली शिक्षा की स्थिति से जुड़े एक सर्वेक्षण का हवाला देते हुए शनिवार को दावा किया कि इस चिंताजनक स्थिति को लेकर नरेन्द्र मोदी सरकार का रवैया उदासीन है। उन्होंने दावा किया कि वर्तमान में स्कूली शिक्षा की स्थिति कोविड काल से पहले की तुलना में ज्यादा खराब हो चुकी है।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने स्कूली शिक्षा की स्थिति से जुड़े एक सर्वेक्षण का हवाला देते हुए शनिवार को दावा किया कि इस चिंताजनक स्थिति को लेकर नरेन्द्र मोदी सरकार का रवैया उदासीन है। उन्होंने ‘परख राष्ट्रीय सर्वेक्षण 2024’ का हवाला देते हुए कहा कि कक्षा तीन के बच्चों में 40 प्रतिशत अक्षरों की सही से पहचान नहीं कर पा रहे और छठी कक्षा के 44 प्रतिशत बच्चे सरल शब्दों के अर्थ से अवगत नहीं हैं।

Mallikarjun Kharge

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे (फाइल फोटो)

खरगे ने क्या कुछ कहा?

उन्होंने दावा किया कि वर्तमान में स्कूली शिक्षा की स्थिति कोविड काल से पहले की तुलना में ज्यादा खराब हो चुकी है। खरगे ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट किया कि "परीक्षा पर चर्चा" और "एग्जाम वॉरियर्स" जैसे चर्चित शब्द और स्व-प्रचार कार्यक्रम भारत में शिक्षा की वास्तविक स्थिति को दर्शाने वाले इन चिंताजनक सूचकांकों को छिपा नहीं सकते। उन्होंने दावा किया कि व्यापक उदासीनता के कारण सीखने का स्तर गिर रहा है और मोदी सरकार देश के भविष्य के प्रति उदासीन बनी हुई है।

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