दिल्ली में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार (CEC Gyanesh Kumar) के खिलाफ और चुनाव सुधारों को लेकर जारी विरोध प्रदर्शनों के दौरान पार्टी के कई सांसदों की अनुपस्थिति पर कांग्रेस हाईकमान ने कड़ा रुख अपनाया है। सूत्रों के अनुसार, हाईकमान ने उन सभी सांसदों से जवाब तलब किया है जो दिल्ली में आयोजित प्रदर्शनों में शामिल नहीं हुए थे।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे, राजघाट जाते हुए (फोटो- PTI)
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अनुपस्थित सांसदों की सूची तैयार करने के निर्देश
चुनाव आयोग मार्च, जंतर-मंतर विरोध प्रदर्शन और राजघाट तक निकाले गए विरोध मार्च के दौरान कई कांग्रेस सांसद नदारद रहे थे। पार्टी नेतृत्व ने संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल को ऐसे सभी अनुपस्थित सांसदों की सूची तैयार करने का जिम्मा सौंपा है। गैरहाजिर रहे सांसदों को तत्काल दिल्ली में रहने और संसद के सेंट्रल हॉल में अनिवार्य रूप से उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं।
हाईकमान की हिदायत और सांसदों का तर्क
इससे पहले, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और शीर्ष नेतृत्व ने सभी सांसदों को विरोध प्रदर्शनों के मद्देनजर दिल्ली में ही रुकने के स्पष्ट निर्देश दिए थे। वहीं, सूत्रों का कहना है कि अनुपस्थित रहे कुछ सांसदों ने अपनी सफाई में तर्क दिया है कि वे दिल्ली के प्रदर्शन के बजाय अपने-अपने संसदीय क्षेत्रों और जिलों में आयोजित राज्य स्तरीय विरोध प्रदर्शनों में भाग लेने चले गए थे।
कांग्रेस नहीं करना चाहती कोई चूक
रिपोर्ट्स के अनुसार कांग्रेस ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन में कोई चूक करना नहीं चाहती है, यही कारण है कि खुद राहुल गांधी इसका नेतृत्व करते हुए न केवल आंदोलन की रूप रेखा बना रहे हैं, बाकि सांसदों पर भी नजर रख रहे हैं, ताकि ये पता रह सके कि कौन सांसद आया था और कौन नहीं?
