Shashi Tharoor News: कांग्रेस सूत्रों ने बुधवार को कहा था कि पार्टी में सबको अपनी राय रखने की आजादी है, लेकिन लोकसभा सदस्य शशि थरूर ने भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव से जुड़े मुद्दे पर अपने बयानों से 'लक्ष्मण रेखा' लांघ दी है, सूत्रों का यह भी कहना है कि आलाकमान ने नेताओं को हिदायत दी है कि वे इस मुद्दे पर अपनी व्यक्तिगत राय व्यक्त करने के बजाय पार्टी का पक्ष रखें।
इसे लेकर अब शशि थरूर की प्रतिक्रिया सामने आई है उन्होंने कहा कि 'इस समय, संघर्ष के समय, मैंने एक भारतीय के रूप में बात की। मैंने कभी किसी और के लिए बोलने का दिखावा नहीं किया। मैं पार्टी का प्रवक्ता नहीं हूं। मैं सरकार का प्रवक्ता नहीं हूं। मैंने जो कुछ भी कहा है, आप उससे सहमत या असहमत हो सकते...'
थरूर ने 'ऑपरेशन सिंदूर' के लिए सशस्त्र बलों के साथ सरकार की तारीफ की
बता दें कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता थरूर ने 'ऑपरेशन सिंदूर' के लिए सशस्त्र बलों के साथ सरकार की तारीफ की है, साथ ही थरूर भारत और पाकिस्तान के बीच 'मध्यस्थता' संबंधी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दावों पर अपनी पार्टी से अलग रुख अपनाते दिख रहे हैं, कांग्रेस इस मामले पर केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से निरंतर सवाल पूछ रही है। बैठक के बाद थरूर के बयानों के बारे में पूछे जाने पर कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि थरूर की टिप्पणी पार्टी की राय नहीं होती है।
'...लेकिन थरूर ने इस बार लक्ष्मण रेखा लांघ दी'
कांग्रेस कार्य समिति की बैठक में एक वरिष्ठ नेता ने थरूर का नाम लिए बगैर पार्टी लाइन से इतर बयान दिए जाने का विषय उठाया और कहा कि नेतृत्व को इसमें दखल देना चाहिए।खुद थरूर बैठक में मौजूद थे।कार्य समिति की बैठक के बाद सूत्रों ने बताया, 'कांग्रेस एक लोकतांत्रिक पार्टी है और सभी को अपनी राय जाहिर करने की आजादी है, लेकिन थरूर ने इस बार लक्ष्मण रेखा लांघ दी है।'
