BJP को हराने के लिए कांग्रेस का 'हाथ' जरूरी, क्या RLD की सलाह अखिलेश को आएगी पसंद

  • Authored by: ललित राय
  • Updated Jun 18, 2023, 10:18 AM IST

General Elections 2024: आम चुनाव 2024 को लेकर विपक्ष ने कमर कस ली है। बिहार के सीएम नीतीश कुमार इस लड़ाई में कांग्रेस की भूमिका को महत्वपूर्ण बता चुके हैं। लेकिन जमीनी स्तर पर ममता बनर्जी और अखिलेश यादव के सुर अलग हैं। इन सबके बीच अखिलेश यादव के सहयोगी जयंत चौधरी ने बड़ा बयान दिया है।

General Elections 2024: आम चुनाव 2024 में अभी वक्त है। लेकिन सियासत के मैदान में घेरेबंदी की तैयारी चल रही है। आने वाले चुनाव में एनडीए के सामने विपक्ष एकजुट होकर लड़ाई लड़ेगा या विपक्ष बिखरा होगा। 23 जून को बिहार की राजधानी पटना में विपक्षी दलों का जलसा होने वाला है। लेकिन उससे पहले ममता बनर्जी ने एक खास बयान दिया कि अगर पश्चिम बंगाल में कांग्रेस का गठबंधन वाम दलों के साथ होता है तो वो साथ नहीं आएंगी। यानी कि उन्होंने शर्त रखी है। इसके साथ ही बीआरएस के मुखिया के चंद्रशेखर राव अपने पत्ते नहीं खोल रहे हैं। इन सबके बीच राष्ट्रीय लोकदल के अध्यक्ष जयंत चौधरी ने कहा कि बिन कांग्रेस राष्ट्रीय स्तर पर एंटी बीजेपी मोर्चा प्रभावी नहीं होगा। यह एक ऐसा बयान है जिसे शायद जमीनी तौर पर अखिलेश यादव स्वीकार ना कर पाएं क्योंकि अगर कांग्रेस अगुवाई करती है तो यूपी में कांग्रेस को ज्यादा सीटें देनी होगी।

तो बीजेपी को हराना होगा आसान

आरएलडी के प्रदेश मुखिया रामाशीष राय ने कहा कि उनकी पार्टी एकजुट विपक्ष के पक्ष में है। यह विपक्षी एकता पर आम सहमति बनाने के लिए बैठक के नतीजे का समर्थन करेगी। हमारा विचार है कि कांग्रेस को साथ लिए बिना कोई भी मोर्चा (भाजपा के खिलाफ) प्रभावी नहीं हो सकता।यह पूछे जाने पर कि क्या समाजवादी पार्टी और रालोद के बीच संबंधों में तनाव था, उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में हाल ही में संपन्न शहरी स्थानीय निकाय चुनावों के नतीजों से पार्टी कार्यकर्ता निराश हैं। उन्हें लगता है कि परिणाम अलग हो सकते थे। सपा और रालोद साथ मिलकर लड़े थे। चूंकि हम एक बड़े परिवर्तन का लक्ष्य बना रहे हैं, रालोद चाहता है कि सपा, कांग्रेस और आजाद समाज पार्टी अपने मतभेदों को भुला दें और एक बदलाव लाने के लिए मिलकर काम करें।

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