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कांग्रेस और TMC ने जगदीप धनखड़ को फेयरवेल नहीं देने पर उठाए सवाल, कहा- यह संविधान का अपमान

Monsoon Session: विपक्षी दल जगदीप धनखड़ के इस्तीफे को लेकर सरकार पर हमलावर रुख अपनाए हुए हैं। इस बीच, कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने धनखड़ को फेयरवेल नहीं दिए जाने को लेकर सवाल उठाए।

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जगदीप धनखड़ को फेयरवेल नहीं दिए जाने को लेकर विपक्ष ने सरकार को घेरा

Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल

Monsoon Session: संसद का मानसून सत्र जारी है और ऐसे में विपक्षी दल जगदीप धनखड़ के इस्तीफे को लेकर सरकार पर हमलावर रुख अपनाए हुए हैं। इस बीच, कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने धनखड़ को फेयरवेल नहीं दिए जाने को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि उन्हें विदाई भाषण भी नहीं दिया गया। यह किसानों और भारत के संविधान का अपमान है। जगदीप धनखड़ के उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफे पर कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा कि भारत के उपराष्ट्रपति के पद से उनका (जगदीप धनखड़) त्यागपत्र स्वेच्छा से नहीं हुआ है। हम सभी लोग बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की बैठक में मौजूद थे और उस दौरान हमने देखा है कि वह (जगदीप धनखड़) स्वस्थ और प्रसन्न थे। हालांकि, दो घंटे के अंदर वह अस्वस्थ नहीं हो सकते? ऐसा लगता है कि उनसे इस्तीफा देने के लिए कहा गया था। उपराष्ट्रपति पद का अपमान किया गया। इतना ही नहीं, उन्हें विदाई भाषण भी नहीं दिया गया। यह किसानों और भारत के संविधान का अपमान है।

उपराष्ट्रपति का इस्तीफा लग रहा बेहद संदिग्ध: विपक्ष

जगदीप धनखड़ के इस्तीफे पर टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ने कहा कि जगदीप धनखड़ को प्रधानमंत्री और अन्य कैबिनेट मंत्रियों ने इस्तीफा देने के लिए मजबूर किया। उन्हें कहा गया कि अगर उन्होंने उस दिन रात 9 बजे से पहले इस्तीफा नहीं दिया, तो उनके खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाया जाएगा। यह प्रधानमंत्री और अन्य कैबिनेट मंत्रियों द्वारा दबाव बनाने की रणनीति है। सुनने में आ रहा है कि अब राजनाथ सिंह को उपराष्ट्रपति बनाया जाएगा। जगदीप धनखड़ के उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा देने पर कांग्रेस सांसद प्रणीति शिंदे ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि उपराष्ट्रपति का इस्तीफा बेहद संदिग्ध लग रहा है। मुझे लगता है कि जस्टिस वर्मा के खिलाफ लाए गए महाभियोग प्रस्ताव को लेकर कुछ विवाद हुआ है। विपक्ष की ओर से महाभियोग प्रस्ताव को उन्होंने स्वीकार किया और शायद इस बात से सरकार नाराज हो गई। ऐसा पहली बार हुआ है कि उन्हें विदाई भाषण देने का भी मौका नहीं मिला।

Shashank Shekhar Mishra
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शशांक शेखर मिश्रा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल (www.timesnowhindi.com) में बतौर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। इन्हें पत्रकारिता में करीब 5 वर्षों का अनुभव है। इन पांच सालों में देश की राजनीति से लेकर देश-दुनिया में बनते-बिगड़ते सत्ता समीकरणों एवं घटनाओं को कवर करने का अनुभव है। राजनीति, रक्षा और आटोमोबाइल्स की खबरों में विशेष रूचि के साथ खोजी पत्रकारिता और स्टिंग ऑपरेशन का भी अनुभव है। टाइम्स नाउ नवभारत में देश-दुनिया की खबरों के साथ रियल टाइम डेस्क पर कार्य करने का अनुभव है। शशांक ने इन 5 वर्षों के पत्रकारिता के कैरियर के दौरान टेलीविजन और डिजिटल मीडिया में कार्य करने का अनुभव हासिल किया है। टाइम्स नाउ नवभारत में बतौर कॉपी एडिटर जुड़ने से पहले जागरण न्यू मीडिया, इनशार्ट्स, जी हिंदुस्तान और न्यूज हेल्पलाइन में सब एडिटर, रिपोर्टर और असिस्टेंट प्रोड्यूसर के तौर पर काम कर चुके हैं। पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। इसके बाद एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन से पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन एंड टीवी जर्नलिज्म किया हैं। शशांक को जिम जाना, एडवेंचर एक्टिविटी करना और नई तकनीक को जानना और समझना बेहद पसंद है। इसके अलावा शशांक को ड्राइव करना और अध्यात्म में भी काफी रुचि हैं। शशांक शेखर मिश्रा उत्तर प्रदेश की राजधानी और नवाबों के शहर के रूप में फेमस लखनऊ से ताल्लुक रखते हैं।

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