Colonel Sofiya Qureshi: सैन्य कार्रवाई ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारतीय सेना ने पाकिस्तान को मुंह तोड़ जवाब दिया। वहीं, पाकिस्तान द्वारा पोषित आतंकियों को मार गिराया और उनके ठिकानों को तबाह किया। वहीं, भारतीय सेना की अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी ने ऑपरेशन सिंदूर और उसके बाद में सैन्य कार्रवाई की देश और दुनिया को जानकारी देने में अहम योगदान निभाया।
कर्नल सोफिया कुरैशी को विशिष्ट सेवा मेडल (VSM) से सम्मानित करने की घोषणा की है।
गणतंत्र दिवस के अवसर पर सोफिया कुरैशी को देश के लिए अतुल्य, उनके उत्कृष्ट, समर्पित और अनुकरणीय सेवा के लिए सम्मानित किया जाएगा। राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद सरकार ने कर्नल सोफिया कुरैशी को विशिष्ट सेवा मेडल (VSM) से सम्मानित करने की घोषणा की है।
पाकिस्तान के झूठ का किया था पर्दाफाश
पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान में स्थित आतंकी ठिकानों को तबाह करने के लिए भारत की ओर से चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर के बारे में जब अफवाहें फैलाई जा रही थीं, उस समय सेना की ओर से कर्नल सोफिया कुरैशी और इंडियन एयरफोर्स की विंग कमांडर व्योमिका सिंह को कमान सौंपी गई। दोनों ने बिल्कुल सटीक जानकारी देते हुए पाकिस्तान के झूठ का पर्दाफाश किया और ऑपरेशन का मकसद दुनिया को बताया।
कुछ दिनों पहले ही एक बहुराष्ट्रीय सैन्य अभ्यास में भारतीय दल की अगुवाई की थी. तब वह ऐसा करने वाली भारतीय सेना की पहली महिला अधिकारी बन गई थीं. इस अभ्यास का नाम 'एक्सरसाइज फोर्स 18' दिया गया था, जो भारत की ओर से आयोजित उस समय का सबसे बड़ा विदेशी सैन्य अभ्यास था।
कौन हैं सोफिया कुरैशी?
गुजरात के वडोदरा की मूल निवासी सोफिया कुरैशी का जन्म वर्ष 1981 में हुआ था। उन्होंने बायोकेमिस्ट्री में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की और इसके बाद 1999 में भारतीय सेना में कमीशन प्राप्त किया।
अपने सैन्य करियर के दौरान कर्नल सोफिया कुरैशी ने देश और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। वर्ष 2006 में उन्होंने अफ्रीकी देश कांगो में संयुक्त राष्ट्र शांति स्थापना मिशन के तहत सैन्य पर्यवेक्षक के रूप में सेवाएं दीं।
इसके अलावा, पंजाब सीमा पर ऑपरेशन पराक्रम के दौरान उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए उन्हें तत्कालीन जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ का प्रशंसा पत्र प्रदान किया गया था। वहीं, उत्तर-पूर्व भारत में आई भीषण बाढ़ के दौरान राहत एवं समन्वय कार्यों में उनकी भूमिका की भी व्यापक सराहना की गई।
कर्नल सोफिया कुरैशी का करियर भारतीय सेना में उनकी पेशेवर दक्षता, नेतृत्व क्षमता और सेवा भावना को दर्शाता है।
