CJP Protest: दिल्ली के कनॉट प्लेस में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के अभिजीत दीपके को प्रदर्शन की अनुमति नहीं मिली है। अभिजीत दीपके ने शुक्रवार को शाम 6 बजे सेंट्रल पार्क में चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन का आह्वान किया था। हालांकि, एनडीएमसी ने प्रदर्शन की अनुमति देने से साफ इनकार कर दिया।
कनॉट प्लेस में प्रदर्शन की अनुमति नहीं (फाइल फोटो)
CJP प्रदर्शन का मामला पहुंचा हाई कोर्ट
इस बीच, सीजेपी की ओर से प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन का मामला दिल्ली हाई कोर्ट पहुंचा, जहां सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस ने अदालत को बताया कि वह शुक्रवार को कनॉट प्लेस में प्रदर्शन के आह्वान को नियंत्रित करने के लिए हरसंभव प्रयास करेगी। हाई कोर्ट ने पुलिस के इस बयान को रिकॉर्ड पर ले लिया है।
बता दें कि कनॉट प्लेस में सीजेपी के विरोध प्रदर्शन के खिलाफ बुधवार को हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की गई थी। व्यापारियों की तरफ से पेश वकील ने दलील दी कि विरोध प्रदर्शन की वजह से व्यापार काफी प्रभावित हुआ है।
प्रदर्शन पर रोक की मांग
याचिकाकर्ता के वकील ने दलील दी कि सीजेपी को विरोध प्रदर्शन का आह्वान करने से रोका जा सकता है। कनॉट प्लेस दिल्ली का दिल है। व्यापारियों की तरफ से पेश वकील ने कहा कि पिछले हफ्ते हम पूरी तरह बर्बाद हो गए, अगर यह वीकेंड भी चला गया, तो हम पूरी तरह बर्बाद हो जाएंगे। दिल्ली हाई कोर्ट मे 3 नवंबर को मामले की अगली सुनवाई होगी।
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'तिरंगा लहराना कोई अपराध नहीं'
दीपके ने सेंट्रल पार्क में राष्ट्रीय ध्वज लेकर एकत्र होने की अपील करते बुधवार को आरोप लगाया था कि सीजेपी के सदस्यों सौरभ दास और आशुतोष रांका को सिर्फ तिरंगा लहराने के लिए जेल में डाल दिया गया। दीपके ने 'एक्स' पर कहा था, ''हम दिखा देंगे कि तिरंगा लहराना कोई अपराध नहीं है।''
यह अपील ऐसे दिन की गई, जब सौरभ दास और आशुतोष रांका को शांति बनाए रखने के लिए दिए गए बॉण्ड की शर्तों का उल्लंघन करने और जंतर-मंतर में अनधिकृत रूप से प्रवेश करने के आरोप में पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया और तिहाड़ जेल में बंद कर दिया गया। जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल की सूची से अब हटा दिया गया है।
