कॉकरोच जनता पार्टी के प्रेसिडेंट अभिजीत दीपके (Abhijeet Dipke) ने अपना अनशन खत्म कर दिया है। अभिजीत दीपके ने सोनम वांगचुक (Sonam Wangchuk) के अनुरोध पर अपना अनशन आज समाप्त कर दिया। वहीं सोनम वांगचुक का अस्पताल से भी अनशन जारी है। अभिजीत दीपके ने 18 जुलाई को तब अपना अनशन शुरू किया था, जब 21 दिनों की लंबी भूख हड़ताल के बाद तबीयत बिगड़ने पर सोनम वांगचुक को डॉक्टरी इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
अभिजीत दीपके ने खत्म किया अपना अनशन
सरकार ने बातचीत के लिए बुलाया
एक तरफ जहां जंतर-मंतर पर सीजेपी के कार्यकर्ता और समर्थक परीक्षा सुधारों की मांग को लेकर भारी संख्या में एकत्र हुए, वहीं दूसरी तरफ सोमवार को सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच बातचीत की पहल हुई। पार्टी के प्रतिनिधि सौरभ दास और आशुतोष रांका केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात करने के लिए रवाना हुए। सौरभ दास ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर सरकार से बातचीत के लिए बुलावा आने का दावा करते हुए लिखा, "सुबह 11:52 बजे हैं। आशुतोष रांका और मैं, कॉकरोच जनता पार्टी की ओर से जे.पी. नड्डा से मिलने जा रहे हैं। सरकार ने सुबह बातचीत के लिए संपर्क किया था। हमारी मांगें बिल्कुल स्पष्ट हैं। युवा बहुत बड़ी संख्या में एकत्र हुए हैं। हमारी जीत होगी!"
सोनम वांगचुक का अनशन जारी
अभिजीत दीपके ने भले ही अपना अनशन समाप्त कर दिया हो, लेकिन सोनम वांगचुक अस्पताल में भर्ती रहने की स्थिति में भी अनशन जारी रखे हुए हैं। सफदरजंग अस्पताल प्रशासन ने सोमवार को कहा कि वांगचुक का लगातार चिकित्सकीय उपचार किया जा रहा है और विशेषज्ञों की टीम उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर करीबी नजर रखे हुए है। अस्पताल की ओर से सुबह 10 बजे जारी स्वास्थ्य बुलेटिन में कहा गया, ’’सोनम वांगचुक का वीएमएमसी एवं सफदरजंग अस्पताल में समुचित चिकित्सकीय उपचार जारी है। उनके महत्वपूर्ण स्वास्थ्य मानक स्थिर हैं। हालांकि, रक्त संबंधी मानकों पर लगातार करीबी चिकित्सकीय निगरानी की आवश्यकता बनी हुई है। वांगचुक का निरंतर उपचार किया जा रहा है और विशेषज्ञों की बहु-विषयक टीम उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर लगातार नजर रख रही है।’’
वांगचुक को शनिवार को उनकी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल के 21वें दिन दिल्ली पुलिस जंतर-मंतर से जबरन सफदरजंग अस्पताल ले गई थी। उन्होंने नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं और इस विवाद से जुड़े छात्रों की कथित मौत के विरोध में कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के नेतृत्व में चल रहे आंदोलन के समर्थन में 28 जून को अनिश्चितकालीन अनशन शुरू किया था।
