CJP Protest: जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध-प्रदर्शनों और संसद कूच की कोशिशों के बीच जमकर हंगामा मचा। संसद कूच करने के दौरान प्रदर्शनकारी पुलिस से भिड़ गए और इस झड़प में कुछ लोग मामूली रूप से घायल भी हुए। इन्हें काबू करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करने के साथ आंसू गैस के गोले भी दागने पड़े। कुल मिलाकर प्रदर्शन के दौरान दिल्ली में भारी हंगामा मचा रहा और अफरातफरी फैली रही।
CJP नेताओं की जेपी नड्डा से मुलाकात
सीजेपी नेताओं की जेपी नड्डा से मुलाकात
इसी हंगामे के बीच सीजेपी के नेताओं ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात की। सीजेपी नेता सौरव दास ने इसकी जानकारी देते हुए कहा- मैं दोपहर 12 बजे से जे.पी. नड्डा के आवास पर हूं। हमारी मांगें उन तक पहुंचा दी गई हैं, जिनमें धर्मेंद्र प्रधान का तत्काल इस्तीफा/बर्खास्तगी शामिल है। मंत्री जी ने हमें आश्वासन दिया है कि वे इस मामले पर उचित स्तर पर चर्चा करेंगे। हालांकि, अभी तक कोई प्रतिबद्धता नहीं जताई गई है। शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारी अपनी मांग पूरी होने तक चैन से नहीं बैठेंगे!
जेपी नड्डा ने कहा - अच्छी बातचीत हुई
वहीं, जेपी नड्डा ने कहा, आज सुबह पहली बार प्रदर्शनकारियों की ओर से सरकार के साथ बातचीत करने का प्रस्ताव आया और सुबह 11:50 AM से ही हमारी बातचीत जारी है। सौहार्दपूर्ण वातावरण में मुलाकात हुई। उनके डेलीगेशन के साथ विस्तार से पहले मौखिक चर्चा हुई और उनके द्वारा लगभग 4 बजे मुझे लिखित याचिका दी गई। मैंने सभी प्रदर्शनकारियों से अनुरोध किया कि वे अपने धरने को समाप्त करें और सामान्य स्थिति बहाल करने में प्रशासन की मदद करें।
दिपके को हिरासत में लेने की खबर अफवाह- दिल्ली पुलिस
उधर, दिल्ली पुलिस ने कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दिपके को हिरासत में लेने की खबर को अफवाह बताया है। दिल्ली पुलिस ने अपने X हैंडल से एक पोस्ट में कहा, 'सोशल मीडिया पर ऐसी भ्रामक खबरें फैल रही हैं कि दिल्ली पुलिस ने अभिजीत दिपके को हिरासत में ले लिया है। आधिकारिक तौर पर यह स्पष्ट किया जाता है कि ये आरोप पूरी तरह से गलत हैं और वे मंच पर मौजूद हैं।
अमित शाह और प्रधान के बीच भी हुई मीटिंग
वहीं, दिनभर के हंगामें के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के बीच भी लंबी बैठक हुई। बताया जा रहा है कि इसमें किरेन रिजिजू भी शामिल हुए। ये मीटिंग करीब तीन घंटे तक चली। वहीं, खबर है कि पुलिस ने जंतर-मंतर भी खाली करवा लिया। पुलिस ने यहां से अधिकतर प्रदर्शनाकरियों को हटा दिया।
दिल्ली में फिर घमासान, संसद कूच का ऐलान
सोमवार के विरोध प्रदर्शन ने एक बार फिर मध्य दिल्ली की सड़कों पर भारी भीड़ को आकर्षित किया, जिससे राष्ट्रीय राजधानी में वर्षों से हुए प्रमुख प्रदर्शनों की सूची में एक और नाम जुड़ गया। इस दौरान जंतर-मंतर और संसद मार्ग पर भारी हंगामा मचा रहा। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर ही धावा बोल दिया। इसमें कुछ पुलिसकर्मी घायल भी हुए हैं।
सोमवार को मध्य दिल्ली में अराजक स्थिति उत्पन्न हो गई, जब सुरक्षा बलों ने आंसू गैस के गोले दागे, लाठीचार्ज किया और दंगा रोधी वाहन तैनात किए। यह कार्रवाई तब की गई जब कॉकरोच जनता पार्टी 'चलो संसद' मार्च में भाग ले रहे प्रदर्शनकारियों ने संसद के आसपास के उच्च सुरक्षा क्षेत्र में सुरक्षा बैरिकेड्स को तोड़ने का प्रयास किया। संसद के मानसून सत्र के पहले दिन प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच बार-बार झड़पें हुईं।
शुरुआती झड़प जंतर-मंतर के पास तब हुई जब प्रदर्शनकारियों ने संसद की ओर मार्च शुरू करने के लिए पुलिस बैरिकेड्स को तोड़ दिया। जैसे-जैसे प्रदर्शन तेज हुआ, प्रदर्शनकारियों ने संसद के पास उच्च सुरक्षा क्षेत्र में लगाए गए कई बैरिकेड्स को तोड़ने का प्रयास किया। इसके परिणामस्वरूप झड़प हुई, जिसमें कई प्रदर्शनकारियों और पुलिसकर्मियों को मामूली चोटें आईं। पुलिस की कार्रवाई के बीच, पार्टी नेतृत्व ने यह दावा किया कि सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दिपके को जंतर-मंतर से हिरासत में लिया गया।
