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जम्‍मू-कश्‍मीर में 10 जगहों पर CIK की ताबड़तोड़ छापेमारी, गाजी अब्दुल्ला के भर्ती मॉड्यूल से जुड़ा है मामला

Jammu and Kashmir: सीआईके इकाई घाटी के चार ज़िलों में 10 जगहों पर तलाशी ले रही है। ये छापे सीमा पार से जैश कमांडर गाज़ी अब्दुल्ला द्वारा संचालित एक आतंकवादी स्लीपर सेल और भर्ती मॉड्यूल से जुड़े एक आतंकी अपराध मामले की चल रही जांच का हिस्सा हैं।

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जम्‍मू-कश्‍मीर में 10 जगहों पर CIK की ताबड़तोड़ छापेमारी

Jammu and Kashmir: जम्मू-कश्मीर पुलिस की काउंटर-इंटेलिजेंस कश्मीर (सीआईके) इकाई घाटी के चार ज़िलों में 10 जगहों पर तलाशी ले रही है। ये छापे सीमा पार से जैश कमांडर गाज़ी अब्दुल्ला द्वारा संचालित एक आतंकवादी स्लीपर सेल और भर्ती मॉड्यूल से जुड़े एक आतंकी अपराध मामले की चल रही जांच का हिस्सा हैं। पुलवामा में एक, गंदेरबल में छह, श्रीनगर में एक और बडगाम जिले में दो जगहों पर तलाशी चल रही है।

डोडा और हंदवाड़ा में SIA ने चलाया था तलाशी अभियान

बता दें, एक सप्ताह पहले आतंकी वित्तपोषण नेटवर्क को ध्वस्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए राज्य जांच एजेंसी (एसआईए) कश्मीर ने जम्मू, डोडा और हंदवाड़ा में तीन संदिग्ध स्थानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया था। इन सावधानीपूर्वक निष्पादित खोजों का उद्देश्य क्रिप्टोकरेंसी के माध्यम से सीमा पार से वित्त पोषण से जुड़ी एक जटिल साजिश को उजागर करने के लिए महत्वपूर्ण साक्ष्य हासिल करना था, जिसे आतंकवाद को बढ़ावा देने और केंद्र शासित प्रदेश जम्मू और कश्मीर में शांति को अस्थिर करने के लिए डिजाइन किया गया था।

तलाशी अभियान में उन व्यक्तियों की पहचान करने का भी प्रयास किया गया जो युवाओं को भारत के विरुद्ध भड़का रहे हैं, जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा हो सकता है। ये तलाशी गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) की धारा 18, 38 और 39 के साथ-साथ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 120बी, 121 और 121ए के तहत चल रही जांच का हिस्सा है, जो पुलिस स्टेशन सीआई-एसआईए कश्मीर में दर्ज है। तलाशी अभियान से महत्वपूर्ण साक्ष्य प्राप्त हुए, जिससे जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले गुप्त वित्तीय नेटवर्क का पर्दाफाश करने में सफलता मिली। बरामद वस्तुओं और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से राज्य जांच एजेंसी कश्मीर को इन राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों को अंजाम देने वाले सह-षड्यंत्रकारियों और सहयोगियों की पहचान करने और उन्हें पकड़ने में मदद मिलने की उम्मीद है।

Shashank Shekhar Mishra
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शशांक शेखर मिश्रा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल (www.timesnowhindi.com) में बतौर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। इन्हें पत्रकारिता में करीब 5 वर्षों का अनुभव है। इन पांच सालों में देश की राजनीति से लेकर देश-दुनिया में बनते-बिगड़ते सत्ता समीकरणों एवं घटनाओं को कवर करने का अनुभव है। राजनीति, रक्षा और आटोमोबाइल्स की खबरों में विशेष रूचि के साथ खोजी पत्रकारिता और स्टिंग ऑपरेशन का भी अनुभव है। टाइम्स नाउ नवभारत में देश-दुनिया की खबरों के साथ रियल टाइम डेस्क पर कार्य करने का अनुभव है। शशांक ने इन 5 वर्षों के पत्रकारिता के कैरियर के दौरान टेलीविजन और डिजिटल मीडिया में कार्य करने का अनुभव हासिल किया है। टाइम्स नाउ नवभारत में बतौर कॉपी एडिटर जुड़ने से पहले जागरण न्यू मीडिया, इनशार्ट्स, जी हिंदुस्तान और न्यूज हेल्पलाइन में सब एडिटर, रिपोर्टर और असिस्टेंट प्रोड्यूसर के तौर पर काम कर चुके हैं। पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। इसके बाद एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन से पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन एंड टीवी जर्नलिज्म किया हैं। शशांक को जिम जाना, एडवेंचर एक्टिविटी करना और नई तकनीक को जानना और समझना बेहद पसंद है। इसके अलावा शशांक को ड्राइव करना और अध्यात्म में भी काफी रुचि हैं। शशांक शेखर मिश्रा उत्तर प्रदेश की राजधानी और नवाबों के शहर के रूप में फेमस लखनऊ से ताल्लुक रखते हैं।

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