'पैदा होने से पहले हत्या, 80% झेलती हैं हैरेसमेंट', राहुल गांधी ने आंकड़े रखकर दिखाया देश की महिलाओं का दर्द

पुणे के एआईएसएसएमएस कॉलेज में शनिवार शाम हुए 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम को राहुल गांधी ने संबोधित किया। उन्होंने 'ब्रेक द केज' का संदेश देते हुए मनुस्मृति में महिलाओं के स्थान पर सवाल उठाए

Chhatron Ki Goonj : लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शनिवार को पुणे के एआईएसएसएमएस कॉलेज में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में महिलाओं के अधिकार, सुरक्षा और स्वतंत्र पहचान पर बात की। उन्होंने मनुस्मृति में महिलाओं को पिता, पति और बेटे के अधीन रखने वाली विचारधारा की आलोचना की। राहुल ने कहा कि महिलाओं की पहचान सिर्फ बेटी, पत्नी या मां तक सीमित नहीं होनी चाहिए। ‘ब्रेक द केज’ का नारा देते हुए उन्होंने महिलाओं से अपने सपनों को बिना डर पूरा करने की अपील की। उन्होंने कन्या भ्रूण हत्या, महिलाओं के उत्पीड़न और घरेलू हिंसा को गंभीर सामाजिक चुनौतियां बताते हुए महिलाओं को देश की सबसे बड़ी ताकत बताया।

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'छात्रों की गूंज' का यह राहुल गांधी का चौथा कार्यक्रम है। (फोटो: कांग्रेस पार्टी)

हालांकि, इस कार्यक्रम से पहले शुक्रवार रात COEP टेक्निकल यूनिवर्सिटी छात्रावास परिसर में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) और नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) के कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए। हंगामे और बवाल को देखते हुए परिसर में भारी संख्या में पुलिस बलों की तैनाती की गई थी। पुलिस ने NSUI और युवक कांग्रेस के करीब 50 से 60 कार्यकर्ताओं को आरोपी बनाया है। आयोजकों को राहुल के इस कार्यक्रम में करीब 10,000 युवकों के पहुंचने की उम्मीद है। राहुल के आज के कार्यक्रम पर सभी की नजरें लगी हैं, यहां हम 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम से जुड़ा हर अपडेट आपको देते रहेंगे-

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