Haryana IPS Officer Suicide: चंडीगढ़ पुलिस ने दिवंगत IPS अधिकारी वाई. पूरन कुमार की पत्नी, IAS अधिकारी अमनीत पी. कुमार को उनके दिवंगत पति का लैपटॉप मांगने के लिए नोटिस जारी किया है। पुलिस के अनुसार, आईपीएस अधिकारी की मौत की चल रही जांच में लैपटॉप को एक अहम सबूत माना जा रहा है। मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) का मानना है कि इस उपकरण में सुसाइड नोट के मूल मसौदे सहित कई महत्वपूर्ण जानकारी हो सकती है।
क्यों चाहिए लैपटॉप?
पुलिस सूत्रों ने बताया कि सुसाइड नोट की प्रामाणिकता की पुष्टि के लिए लैपटॉप को डिजिटल जांच के लिए केंद्रीय फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (CFSL) भेजा जाएगा। जांचकर्ता यह पुष्टि करना चाहते हैं कि क्या यह नोट वास्तव में आईपीएस पूरन कुमार ने खुद लिखा था और क्या अपने लैपटॉप पर ही बनाया था?
उसी लैपटॉप में सुसाइड नोट का एक सेव ड्राफ्ट भी है, जिसके बारे में पुलिस का मानना है कि अधिकारी ने अपनी मौत से पहले इसे ईमेल के जरिए भेजा था। SIT यह भी पता लगाना चाहती है कि कितने लोगों को यह नोट मिला, इसे भेजने का सही समय क्या था और प्रत्येक प्राप्तकर्ता ने ईमेल कब देखा या नहीं?
अभी तक IAS अधिकारी अमनीत पी. कुमार ने अपने दिवंगत पति का लैपटॉप जांच दल को नहीं सौंपा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अधिकारी की मौत से जुड़ी घटनाओं का क्रम जानने के लिए डिवाइस को बरामद करना और उसकी जांच करना जरूरी है। इस बीच, सूत्रों ने बताया कि हरियाणा के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) शत्रुजीत कपूर को छुट्टी पर भेज दिया गया है।
पूरन सिंह ने की सुसाइड
पूरन कुमार ने 7 अक्टूबर को चंडीगढ़ स्थित अपने आवास पर खुद को गोली मार ली थी और अपने पीछे छोड़े गए 'अंतिम नोट' में उन्होंने हरियाणा के पुलिस महानिदेशक शत्रुजीत कपूर समेत आठ वरिष्ठ पुलिसकर्मियों पर 'घोर जाति-आधारित भेदभाव, लक्षित मानसिक उत्पीड़न, सार्वजनिक अपमान और अत्याचार' का आरोप लगाया था।
इस बीच, हरियाणा सरकार ने राज्यव्यापी निर्देश जारी कर सांप्रदायिक सद्भाव और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कड़ी निगरानी और समन्वित प्रयासों का आग्रह किया है।
परिपत्र में अधिकारी की मौत से जुड़े तनाव और सार्वजनिक संवेदनशीलता को देखते हुए 'सभी जिलों और संभागों में कड़ी निगरानी बनाए रखने और सांप्रदायिक सद्भाव सुनिश्चित करने की तत्काल आवश्यकता' पर जोर दिया गया है।
