Telangana Tunnel Collapse: तेलंगाना में मुख्य विपक्षी दल भारत राष्ट्र समिति (BRS) ने कांग्रेस सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए मंगलवार को श्रीशैलम लेफ्ट बैंक कैनाल (SLBC) परियोजना की सुरंग का एक हिस्सा ढहने संबंधी घटना की न्यायिक जांच की मांग की। इस घटना के कारण आठ लोग चार दिन से सुरंग के अंदर फंसे हुए हैं।
तेलंगाना सुरंग हादसा (फाइल फोटो)
'न्यायिक आयोग का तत्काल हो गठन'
बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामाराव ने इस घटना की जांच के लिए उच्च न्यायालय के वर्तमान न्यायाधीश के नेतृत्व में न्यायिक आयोग के तत्काल गठन की मांग की। एक बयान में उन्होंने मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी पर सुरंग में राहत उपायों की बजाय एमएलसी चुनाव के प्रचार को प्राथमिकता देने का आरोप लगाया।
उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (GSI) के विशेषज्ञों से आवश्यक मंजूरी प्राप्त किए बिना सुरंग निर्माण की अनुमति दे दी। उन्होंने आरोप लगाया कि शनिवार से फंसे आठ लोगों को बचाने का अभियान धीमी गति से आगे बढ़ रहा है।
बीआरएस नेता की टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस के नेता एवं लोकसभा सदस्य चामला किरण कुमार रेड्डी ने कहा कि यह राजनीति का समय नहीं है, क्योंकि सुरंग के अंदर फंसे लोगों को बचाने पर ध्यान केंद्रित किया जाना चाहिए।
चामला किरण कुमार रेड्डी ने क्या कुछ कहा?
उन्होंने समाचार एजेंसी भाषा से कहा, ''विपक्षी दल के नाते उन्हें जन कल्याण से जुड़े मामलों पर सरकार से सवाल पूछने का पूरा अधिकार है। हालांकि, यह एक-दूसरे से बहस करने का समय नहीं है। इसके बजाय हमें उन आठ लोगों को बचाने का रास्ता खोजने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।''
उन्होंने हालांकि आरोप लगाया कि राजनीति करना हर दिन, हर घंटे और हर मिनट बीआरएस का प्राथमिक एजेंडा रहा है। उन्होंने कहा कि एसएलबीसी परियोजना पूरी होने पर नलगोंडा जिले के लाखों किसानों को लाभ मिलेगा।
