Bridge Over Chambal River : देश के सबसे बड़े लंबे एक्सप्रेसवे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर काम तेजी से चल रहा है। इस एक्सप्रेसवे के नई दिल्ली-दौसा खंड पर यातायात पहले ही शुरू हो चुका है। इस एक्सप्रेसवे के अलग-अलग हिस्सों पर काम तेजी से चल रहा है और उम्मीद है कि अगले के साल के अंत तक इस पर चल रहे सभी निर्माण कार्य पूरे कर लिए जाएंगे। कोटा-सवाईमाधोपुर खंड पर भी काम लगभग पूरा हो गया है। कोटा-सवाईमाधोपुर के हिस्से में चंबल नदी के ऊपर पुल बनाने का काम भी तेजी से चल रहा है।
चंबल नदी पर पुल बनकर लगभग तैयार हो गया है।
5 राज्यों से गुजरेगा एक्सप्रेसवे
बता दें कि दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पांच राज्यों, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात एवं महाराष्ट्र से होकर गुजरेगा। 1350 किलोमीटर इस लंबे एक्सप्रेसवे को बनाने के लिए आधारशिला साल 2019 में रखी गई। इस आठ लेने के एक्सप्रेसवे का निर्माण आधुनिक तकनीक से किया जा रहा है। 120 की रफ्तार से चलने पर भी कार में झटकों का अनुभव नहीं होगा। सड़क निर्माण में जर्मन तकनीक का इस्तेमाल हुआ है। खास बात यह है कि एक्सप्रेसवे पर कोई ब्रेकर नहीं होगा।
कोटा-सवाईमाधोपुर के हिस्से में चंबल नदी भी
एक्सप्रेसवे के कोटा-सवाईमाधोपुर के हिस्से में चंबल नदी भी गुजरती है। नदी पर पुल बनाने का काम भी तेज गति से चल रहा है। एक्सप्रेसव के इस हिस्से में नदी पर पुल बनाना भी एक बड़ी चुनौती थी लेकिन इस बड़ी बाधा को पार कर लिया गया है। चंबल नदी पर पुल अगले कुछ दिनों में बनकर तैयार हो जाएगा।
3 घंटे में कोटा से दिल्ली
एक्सप्रेसवे बन जाने के बाद कोटा और सवाईमाधोपर से जयपुर, अलवर, दिल्ली, मुंबई, उज्जैन एवं रतलाम जाने में लगने वाले समय की भारी बचत होगी। कोटा से दिल्ली तीन घंटों और मुंबई नौ घंटे में पहुंचा जा सकेगा। सवाई माधोपुर में पैदा होने वाले अमरूद और सब्जियां देश-विदेश तक जाती हैं। सवाई माधोपुर में पैदा होने वाली अमरूद की एक खास किस्म ‘बर्फखान गोला’ देशभर में प्रसिद्ध है। यहां से अमरूद ज्यादा दिल्ली ज्यादा है। दिल्ली जाने में कम समय लगने से अमरूद बागवानों और व्यापारियों को फायदा होगा।
