Mann Ki Baat: दो गज की दूरी या फिर वैक्सीन, हमें ढिलाई नहीं करनी है, यही जीत का रास्ता है- पीएम
Mann Ki Baat: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आकाशवाणी से एक बार फिर अपने रेडियो कार्यक्रम मन की बात के जरिए देशवासियों से अपने विचार साझा करे रहे हैं। यह इस मासिक रेडियो कार्यक्रम की 77वीं कड़ी है।
नई दिल्ली: पीएम मोदी एक बार फिर अपने रेडियो कार्यक्रम मन की बात के जरिए देशवासियों को संबोधित कर रहे हैं। पीएम के इस संबोधन पर देशवासियों की नजर बनी हुई है, कहा जा रहा है कि पीएम अपने कार्यक्रम के दौरान वैक्सीन को लेकर कुछ घोषणा कर सकते हैं। यह इस मासिक रेडियो कार्यक्रम की 77वीं कड़ी हैं पिछले बार पीएम ने अपने कार्यक्रम के दौरान डॉक्टर्स, नर्स, फ्रंटलाइन वर्कर्स और कोरोना से पीड़ित लोगों की बात की थी। यहां जानिए पीएम के कार्यक्रम से जुड़ी हर बात-
आप सभी स्वस्थ रहिए, देश को इसी तरह आगे बढ़ाते रहिए- पीएम
कितने ही लोग कहते हैं कि हमारा भी गाँव अब पक्की सड़क से, शहर से जुड़ गया है- पीएम
कितने ही लोग देश को धन्यवाद देते हैं कि 70 साल बाद उनके गाँव में पहली बार बिजली पहुंची है, उनके बेटे- बेटियाँ उजाले में, पंखे में बैठ करके पढ़ रहे हैं। कितने ही लोग कहते हैं कि हमारा भी गाँव अब पक्की सड़क से, शहर से जुड़ गया है। ऐसे ही कहीं कोई बैंक खाता खुलने की खुशी साझा करता है, तो कोई अलग-अलग योजनाओं की मदद से जब नया रोज़गार शुरू करता है तो उस खुशी में मुझे भी आमंत्रित करता है। मुझे याद है एक आदिवासी इलाके से कुछ साथियों ने मुझे संदेश भेजा था कि सड़क बनने के बाद पहली बार उन्हें ऐसा लगा कि वो भी बाकी दुनिया से जुड़ गए हैं - पीएम मोदी
भारत देता है मुंहतोड़ जवाब- पीएम
जब हम ये देखते हैं कि अब भारत दूसरे देशों की सोच और उनके दबाव में नहीं, अपने संकल्प से चलता है, तो हम सबको गर्व होता है। जब हम देखते हैं कि अब भारत अपने खिलाफ साज़िश करने वालों को मुंहतोड़ ज़वाब देता है तो हमारा आत्मविश्वास और बढ़ता है। जब भारत राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दों पर समझौता नहीं करता, जब हमारी सेनाओं की ताकत बढ़ती हैं, तो हमें लगता है कि हाँ, हम सही रास्ते पर हैं- पीएम
किसानों का किया जिक्र
जैसे कि अगरतला के किसानों को ही लीजिए ! ये किसान बहुत अच्छे कटहल की पैदावार करते हैं | इनकी मांग देश-विदेश में हो सकती है, इसलिए इस बार अगरतला के किसानों के कटहल रेल के जरिए गुवाहाटी तक लाये गए। इस बार बिहार की ये ‘शाही लीची’ भी हवाई-मार्ग से लंदन भेजी गई है- पीएम मोदी
कई जगहों पर तो सरसों के लिए किसानों को MSP से भी ज्यादा भाव मिला है- पीएम मोदी
Record खाद्यान्न-उत्पादन की वजह से ही हमारा देश हर देशवासी को संबल प्रदान कर पा रहा है। क्या आपको पता है कि इस महामारी में भी हमारे किसानों ने record उत्पादन किया है ? किसानों ने record उत्पादन किया, तो इस बार देश ने record फसल खरीदी भी की है। इस बार कई जगहों पर तो सरसों के लिए किसानों को MSP से भी ज्यादा भाव मिला है। Record खाद्यान्न-उत्पादन की वजह से ही हमारा देश हर देशवासी को संबल प्रदान कर पा रहा है। साथियों, आज हमारे देश के किसान, कई क्षेत्रों में नई व्यवस्थाओं का लाभ उठाकर कमाल कर रहे हैं- पीएम मोदी
कोरोना काल में कृषि-व्यवस्था ने ख़ुद को इस हमले से काफी हद तक सुरक्षित रखा- पीएम
साथियों, कोरोना की शुरुआत में देश में केवल एक ही testing lab थी, लेकिन आज ढाई हजार से ज्यादा Labs काम कर रही हैं। शुरू में कुछ सौ test एक दिन में हो पाते थे, अब 20 लाख से ज्यादा test एक दिन में होने लगे हैं। अपने बचाव के लिए इन साथियों को इतनी गर्मी में भी लगातार PPE Kit पहन के ही रहना पड़ता है | इसके बाद ये sample lab में पहुँचता है। कितने ही Frontline workers, sample collection के काम में लगे हुए हैं | संक्रमित मरीजों के बीच जाना, उनका sample लेना, ये कितनी सेवा का काम है। आप सोचिए, हमारे देश पर इतना बड़ा संकट आया, इसका असर देश की हर एक व्यवस्था पर पड़ा। कृषि-व्यवस्था ने ख़ुद को इस हमले से काफी हद तक सुरक्षित रखा। सुरक्षित ही नहीं रखा, बल्कि प्रगति भी की, आगे भी बढ़ी ! क्या आपको पता है कि इस महामारी में भी हमारे किसानों ने record उत्पादन किया है ? किसानों ने record उत्पादन किया, तो इस बार देश ने record फसल खरीदी भी की है। इस बार कई जगहों पर तो सरसों के लिए किसानों को MSP से भी ज्यादा भाव मिला है- पीएम मोदी
पहले थी एक टेस्टिंग लैब, आज ढाई हजार से ज्यादा लैब- पीएम
साथियो, कोरोना की शुरुआत में देश में केवल एक ही testing lab थी, लेकिन आज ढाई हजार से ज्यादा Labs काम कर रही हैं। शुरू में कुछ सौ test एक दिन में हो पाते थे, अब 20 लाख से ज्यादा test एक दिन में होने लगे हैं। अपने बचाव के लिए इन साथियों को इतनी गर्मी में भी लगातार PPE Kit पहन के ही रहना पड़ता है | इसके बाद ये sample lab में पहुँचता है। कितने ही Frontline workers, sample collection के काम में लगे हुए हैं | संक्रमित मरीजों के बीच जाना, उनका sample लेना, ये कितनी सेवा का काम है - पीएम मोदी
शताब्दी के बाद इतना बड़ा संकट- पीएम
इस तरह की आपदा तो दुनिया पर सौ साल बाद आई है , एक शताब्दी के बाद इतना बड़ा संकट ! इसलिए, इस तरह के काम का किसी के पास कोई भी अनुभव नहीं था। इसके पीछे देशसेवा का जज़्बा है और एक संकल्पशक्ति है। इसी से देश ने वो काम किया है जो पहले कभी नहीं हुआ। आप अंदाज़ा लगा सकते हैं, सामान्य दिनों में हमारे यहाँ एक दिन में 900 Metric टन,Liquid medical oxygen का production होता था। अब ये 10 गुना से भी ज्यादा बढ़कर,करीब-करीब 9500 Metric टन प्रतिदिन उत्पादन हो रहा है। इस oxygen को हमारे warriors देश के दूर-सुदूर कोने तक पहुँचा रहे हैं: पीएम मोदी
ग्रुप कैप्टन पटनायक जी की बेटी अदिति से पीएम का संवाद
लड़ाई में हर कोई कर रहा है सहयोग- पीएम मोदी
हमारे कितने ही वैज्ञानिक,Industryके expertsऔर technicians भी युद्ध स्तर पर काम कर रहे हैं। इन सबके काम को जानने की, समझने की जिज्ञासा सभी देशवासियों के मन में है। वास्तव में ये लड़ाई इतनी बड़ी है कि इसमें रेलवे की ही तरह हमारा देश, जल, थल, नभ, तीनों मार्गों से काम कर रहा है। एक ओर खाली tankers को Air Force के विमानों द्वारा oxygen plants तक पहुँचाने का काम हो रहा है, दूसरी ओर नए oxygen plants बनाने का काम भी पूरा किया जा रहा है। साथ ही, विदेशों से oxygen, oxygen concentrators और cryogenic tankers भी देश में लाये जा रहे हैं |इसलिए, इसमें Navy भी लगी, Air Force भी लगी, Army भी लगी और DRDO जैसी हमारी संस्थाएं भी जुटी हैं- पीएम मोदी
U.P. के जौनपुर के रहने वाले दिनेश बाबूलनाथ से की बात
प्रधानमंत्री , ‘मन की बात’ में U.P. के जौनपुर के रहने वाले दिनेश बाबूलनाथ उपाध्याय जी से संवाद कर रहें हैं। दिनेश बाबूलनाथ उपाध्याय जी हसनपुर, पोस्ट जमुआ, ज़िला जौनपुर के निवासी हैं।
पीएम श्री नरेन्द्र मोदी – बच्चों की पढ़ाई ठीक से हो रही है ?
दिनेश जी – हाँ सर ! बच्चों की पढ़ाई हो रही है। लड़कियाँ भी पढ़ रहीं हैं दोनों, और मेरा लड़का भी पढ़ रहा है सर।
पीएम श्री नरेन्द्र मोदी – ये online पढ़ाई भी ठीक से चलती हैं उनकी ?
दिनेश जी – हाँ सर, अच्छे ढ़ंग से कर रहे हैं, अभी बच्चियाँ हमारी पढ़ रहीं हैं। Online में ही पढ़ रहीं हैं सर। सर, 15 से 17 साल हो गया सर, मैं oxygen का टैंकर चलाता हूँ सर।
पीएम श्री नरेन्द्र मोदी – बच्चों की पढ़ाई ठीक से हो रही है ?
दिनेश जी – हाँ सर ! बच्चों की पढ़ाई हो रही है। लड़कियाँ भी पढ़ रहीं हैं दोनों, और मेरा लड़का भी पढ़ रहा है सर। दिनेश जी – सर, हमारा काम ही ऐसा है सर,oxygen टैंकर का कि हमारी जो कंपनी है INOX Company वो भी हमारा लोग का बहुत ख्याल करती है। और हम लोग कहीं भी जा के oxygen खाली करते हैं तो हमें बहुत ख़ुशी मिलती है सर।
ऑक्सीजन ड्राइवर से की बात
इस सबके बीच कई लोग ऐसे भी हैं,जिनकी कोरोना की second wave से लड़ने में बहुत बड़ी भूमिका रही है | मुझसे ‘मन की बात’ के कई श्रोताओं ने NaMo App पर और पत्र के द्वारा इन warriors के बारे में चर्चा करने का आग्रह किया है। अच्छा! आप ये 15-17 साल से सिर्फ़ oxygen लेके जाते हैं तो सिर्फ़ ट्रक driver नहीं हैं ! आप एक प्रकार से लाखों का जीवन बचाने में लगे हैं- पीएम
चुनौती कितनी ही बड़ी हो, भारत का विजय का संकल्प भी हमेशा उतना ही बड़ा रहा है- मोदी
मेरे प्यारे देशवासियो, चुनौती कितनी ही बड़ी हो, भारत का विजय का संकल्प भी हमेशा उतना ही बड़ा रहा है | देश की सामूहिक शक्ति और हमारे सेवा-भाव ने, देश को हर तूफ़ान से बाहर निकाला है। हाल के दिनों में हमने देखा है कि कैसे हमारे doctors, nurses और front line warriors- उन्होंने ख़ुद की चिंता छोड़कर दिन रात काम किया और आज भी कर रहे हैं - पीएम
मुश्किल घड़ी में लोगों के साथ मज़बूती से खड़े हैं
मैं उन सभी लोगों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करता हूँ, जिन्होंने अपने करीबियों को खोया है | हम सभी इस मुश्किल घड़ी में उन लोगों के साथ मज़बूती से खड़े हैं, जिन्होंने इस आपदा का नुक़सान झेला है। मेरे प्यारे देशवासियो, चुनौती कितनी ही बड़ी हो, भारत का विजय का संकल्प भी हमेशा उतना ही बड़ा रहा है। देश की सामूहिक शक्ति और हमारे सेवा-भाव ने, देश को हर तूफ़ान से बाहर निकाला है।
साइक्लोन में सहायता करने वालों को सलाम
विपदा के इस कठिन और असाधारण परिस्थिति में Cyclone से प्रभावित हुए सभी राज्यों के लोगों ने जिस प्रकार से साहस का परिचय दिया है, इस संकट की घड़ी में बड़े धैर्य के साथ, अनुशासन के साथ मुक़ाबला किया है- मैं आदरपूर्वक, हृदयपूर्वक सभी नागरिकों की सराहना करना चाहता हूँ। केंद्र, राज्य सरकारें और स्थानीय प्रशासन सभी, एक साथ मिलकर इस आपदा का सामना करने में जुटे हुए हैं। जिन लोगों ने आगे बढ़कर राहत और बचाव के कार्य में हिस्सा लिया, ऐसे सभी लोगों की जितनी सराहना करें, उतनी कम है | मैं उन सब को salute करता हूँ |"
किया च्रकवातों का जिक्र
इस दौरान cyclone अम्फान आया, cyclone निसर्ग आया, अनेक राज्यों में बाढ़ आई, छोटे-बड़े अनेक भूकंप आए, भू-स्खलन हुए | अभी-अभी पिछले 10 दिनों में ही देश ने, फिर दो बड़े cyclones का सामना कियापश्चिमी तट पर cyclone ‘ताऊ-ते’ और पूर्वी coast पर cyclone ‘यास’। इन दोनों चक्रवातों ने कई राज्यों को प्रभावित किया है | देश और देश की जनता इनसे पूरी ताक़त से लड़ी और कम से कम जनहानि सुनिश्चित की | हम अब ये अनुभव करते हैं कि पहले के वर्षों की तुलना में, ज़्यादा से ज़्यादा लोगों की जान बचा पा रहे हैं |"इस दौरान जिन लोगों ने भी सहयोग किया मैं उन सभी को सलाम करता हूं।
कोरोना ले रहा है धैर्य की परीक्षा
पिछले कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी ने कहा था कि आज आपसे मन की बात एक ऐसे समय कर रहा हूं जब कोरोना हम सभी के धैर्य, हम सभी के दुख बर्दाश्त करने की सीमा की परीक्षा ले रहा है।
पीएम ने पिछली बार कही थी ये बात
हिन्दी प्रसारण के तुरंत बाद मन की बात कार्यक्रम का प्रसारण आकाशवाणी से क्षेत्रीय भाषाओं में जाएगा। क्षेत्रीय भाषाओं में यह कार्यक्रम रात आठ बजे फिर सुना जा सकता है। पिछली बार पीएम ने मेडिकल स्टाफ को लेकर कई बातें कही थी।
समूचे नेटवर्क पर हो रहा है प्रसारण
आकाशवाणी और दूरदर्शन के समूचे नेटवर्क पर इस कार्यक्रम का प्रसारण किया जा रहा है। यह आकाशवाणी समाचार की वेबसाइट www.newsonair.com तथा newsonair मोबाइल ऐप पर भी उपलब्ध रहेगा। आकाशवाणी, दूरदर्शन समाचार, प्रधानमंत्री कार्यालय तथा सूचना और प्रसारण कार्यालय के यू-ट्यूब चैनलों पर भी इसका सीधा प्रसारण किया जायेगा।

