देश

BJP नेता प्रेम कुमार चुने गए बिहार विधानसभा के अध्यक्ष, आसन तक ले गए नीतीश और तेजस्वी

अस्थायी अध्यक्ष नरेंद्र नारायण यादव ने सदन को सूचित किया कि कुमार ही एकमात्र उम्मीदवार थे जिनका नाम इस पद के लिए आया था। इसके बाद, ध्वनिमत से उन्हें सर्वसम्मति से निर्वाचित घोषित किया गया।

Image

बिहार विधानसभा स्पीकर चुने गए प्रेम कुमार (ANI)

Prem Kumar Elected Speaker of Bihar Assembly: भाजपा के वरिष्ठ नेता प्रेम कुमार को मंगलवार को सर्वसम्मति से 18वीं बिहार विधानसभा का अध्यक्ष निर्वाचित किया गया। प्रोटेम स्पीकर नरेन्द्र नारायण यादव ने सदन को सूचित किया कि अध्यक्ष पद के लिए प्रेम कुमार ही एकमात्र उम्मीदवार थे। इसके बाद, उन्हें ध्वनि मत से “सर्वसम्मति से निर्वाचित” घोषित किया गया। गया टाउन सीट से हाल ही में लगातार नौवीं बार विजयी हुए प्रेम कुमार को परंपरा के अनुसार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने अध्यक्ष के आसन तक पहुंचाया।

नीतीश कुमार ने दी बधाई

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने प्रेम कुमार को अध्यक्ष निर्वाचित होने के बाद बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह बिहार विधानसभा के लिए एक सकारात्मक संकेत है और इससे राज्य में लोकतांत्रिक प्रक्रिया और मजबूत होगी। उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, विजय सिन्हा, संसदीय कार्य मंत्री विजय चौधरी, नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव, लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राजू तिवारी, कांग्रेस विधायक दल के नेता मनोहर सिंह, हम की दीपा मांझी, ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के अख्तरूल ईमान, राष्ट्रीय लोक मोर्चा (रालोमो) की स्नेहलता, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माले) के अरुण सिंह, माकपा के अजय कुमार, आईआईपी के आई.पी. गुप्ता, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के कुमार सर्वजीत ने भी अध्यक्ष को बधाई दी।

अध्यक्ष चुने जाने के बाद प्रेम कुमार ने सदन को संबोधित करते हुए कहा कि उनका उद्देश्य विधानसभा की कार्यवाही को अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष और अनुशासित बनाना है। उन्होंने सभी दलों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि सदन लोकतंत्र की आत्मा है, जिसकी गरिमा सर्वोपरि है। उन्होंने कहा कि विधानसभा के संचालन में अनुशासन, परंपरा और संवैधानिक मर्यादाओं का पालन प्रत्येक सदस्य की जिम्मेदारी है। प्रेम कुमार ने कहा कि आज का सत्र केवल नए अध्यक्ष के चुनाव के कारण ही महत्वपूर्ण नहीं रहा, बल्कि इसने बिहार की राजनीति में संवाद, गरिमा और राजनीतिक परिपक्वता के महत्व को भी रेखांकित किया है।

35 साल से लगातार विधायक

प्रेम कुमार भाजपा के वरिष्ठ नेता हैं। उनका निर्वाचन क्षेत्र गया टाउन है। वह यहां सं लगातार 9 बार विधायक चुनकर आए हैं। साल 1990 में उन्होंने पहली बार गया टाउन विधानसभा सीट से जीत दर्ज की थी और तब से उन्होंने कभी भी हार का मुंह नहीं देखा। पिछले 35 वर्षों में उनका राजनीतिक करियर लगातार नई ऊचाइयां छूता चला गया। इस दौरान वह पार्टी संगठन में जिम्मेदारी संभालने के साथ ही सरकार में भी मंत्री के तौर पर अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते रहे। प्रेम कुमार 2015 के विधानसभा चुनाव में NDA की हार के बाद बिहार में नेता प्रतिपक्ष बनाए गए थे। उस समय नीतीश कुमार महागठबंधन के साथ थे और महागठबंधन ने उनके ही नेतृत्व में चुनाव जीता था। वह बिहार में कृषि मंत्री, वन एवं पर्यावरण मंत्री, शहरी विकास और आवास मंत्री, को-ऑपरेटिव मंत्री आदि के रूप में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं।

70 साल के भाजपा विधायक प्रेम कुमार एमए, एलएलबी, पीएचडी हैं। उन्होंने 1990 में पहली बार विधानसभा चुनाव लड़ा और कांग्रेस प्रत्यासी जय कुमार पालित को हराकर अपनी सियासी पारी का आगाज किया। तब 35 साल हो गए, उनके प्रतिद्वंद्वी बदलते गए, लेकिन कोई भी उन्हें हरा नहीं पाया। इतने वर्षों से वह लगातार एक ही क्षेत्र से विधायक हैं। प्रेम कुमार अत्यंत पिछड़ी जाति से ताल्लुख रखते हैं और गया टाउन विधानसभा क्षेत्र का जातीय समीकरण प्रेम कुमार के अनुकूल है। उनकी वैश्य समाज में अच्छी पकड़ मानी जाती है।

Amit Mandal
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

और पढ़ें
End of Article