Bengal Panchayat Election 2023: पश्चिम बंगाल में आगामी पंचायत चुनाव को 8 जुलाई को होने जा रहे हैं। विपक्षी पार्टियों ने नामांकन दाखिल के लिए कम समय को लेकर हाईकोर्ट का रूख किया। कलकत्ता हाई कोर्ट ने पश्चिम बंगाल में 8 जुलाई को होने वाले पंचायत चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि बढ़ाने से इनकार कर दिया है। अदालत ने नामांकन पत्र दाखिल करने की तारीख बढ़ाने का मामला राज्य निर्वाचन आयोग के विवेक पर छोड़ा। साथ ही कलकत्ता हाईकोर्ट ने पश्चिम बंगाल पंचायत चुनावों के लिए केंद्रीय बलों की तैनाती का आदेश दिया। कलकत्ता हाई कोर्ट का कहना है कि ऐसे क्षेत्रों में जहां केंद्रीय बलों को तैनात नहीं किया जाता है, वहां यह राज्य पुलिस की जिम्मेदारी होनी चाहिए। SEC को मतदान एजेंटों की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए। SEC को संवेदनशील क्षेत्रों में केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की तैनाती की मांग पर विचार करना चाहिए।
Bengal Panchayat Election 2023: कलकत्ता हाई कोर्ट का बड़ा फैसला (तस्वीर-ANI)
वकील कल्याण बनर्जी ने कहा कि कोर्ट ने बीजेपी नेता सुवेंदू अधिकारी की याचिका को खारिज कर दिया है। पहली याचिका धारा 42 और 43 के तहत अधिसूचना जारी करने से चुनाव प्रक्रिया को अलग कर रही थी और दूसरी याचिका नामांकन की तारीख बदलने की मांग पर थी, जिसपर कोर्ट का कहना था कि तारीख बदलने का फैसला करने का कोर्ट का कोई हक नहीं है। चुनाव आयोग ही तारीख बदल सकता है।
उधर विपक्षी दलों ने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ता उनके उम्मीदवारों को नामांकन दाखिल नहीं करने दे रहे हैं। राज्य निर्वाचन आयोग (एसईसी) ने सभी जिलाधिकारियों तथा पुलिस अधीक्षकों को पंचायत चुनाव के लिए निर्धारित नामांकन केंद्रों के एक किलोमीटर के दायरे में दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लागू करने का निर्देश भी दिया है।
पश्चिम बंगाल राज्य चुनाव आयोग द्वारा पंचायत चुनावों पर चर्चा के लिए बुलाई सर्वदलीय बैठक के बाद ममता सरकार के खेल मंत्री अरूप बिस्वास ने कहा कि पंचायत चुनाव को लेकर सर्वदलीय बैठक में हमने हमारी पार्टी की तरफ से कहा है कि सभी पार्टी इसमें शामिल हो। शांतिपूर्ण तरीके से मतदान हो। विपक्ष जो बहाने बना रही है उसे बंद करे और शांतिपूर्ण चुनाव हो।
राज्य चुनाव आयोग द्वारा पंचायत चुनावों पर चर्चा के लिए बुलाई गई सर्वदलीय बैठक के बाद बीजेपी नेता शिशिर बाजोरिया ने कहा कि धारा 144 लागू हो गई है लेकिन सिर्फ कागज़ों में, जमीनी स्तर पर कुछ नहीं है। कितने BDO कार्यालय में 144 लागू हुई है और लागू होने के बाद कार्रवाई हुई है? जो नामांकन के दृश्य देखे गए वह संवेदनशील हैं, ऐसी कोई जगह नहीं जहां बमबाजी नहीं हुई हो। बीजेपी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष दिलीप घोष ने कहा कि जब से चुनाव की घोषणा हुई तब से यहां हिंसा, हत्या हो रही है। जिन सरकारी कर्मचारियों पर चुनाव संचालित कराने की जिम्मेदारी है उन्होंने ही कहा है कि जब तक सेंट्रल फोर्स नहीं आएगी तब तक वे चुनाव कराने नहीं जाएंगे। पिछले चुनाव में इनपर भी हमला हुआ था। हर तरफ भय का माहौल है।
राज्य में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव आठ जुलाई को होने हैं। बंगाल के करीब 5.67 करोड़ मतदाता आठ जुलाई को जिला परिषदों, पंचायत समितियों और ग्राम पंचायतों में लगभग 74,000 सीटों के लिए प्रतिनिधियों का चयन करने के लिए अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे।
