पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने के बाद से ही दंगाइयों और हिंसा करने वालों के बुरे दिन शुरू हो गए हैं। अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ कार्रवाई के बाद अब पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी यूपी के अपने समकक्ष योगी आदित्यनाथ की राह पर आगे बढ़ गए हैं। उन्होंने कहा है कि अगर राज्य में कोई तोड़फोड़ कर सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाता है तो राज्य सरकार संपत्ति की कीमत की तीन गुनी राशि वसूल करेगी। वहीं, रकम नहीं चुकाने पर आरोपियों की संपत्ति नीलाम कर वसूली की जाएगी।
संपत्तियों की नीलामी करके भी होगी वसूली
मुख्यमंत्री अधिकारी ने चेतावनी दी कि औद्योगिक इकाइयों को निशाना बनाने पर भारी आर्थिक जुर्माना लगाया जाएगा। भवानीपुर में शनिवार शाम नागरिक समाज और व्यापारिक समुदाय के सदस्यों के साथ हुई एक बैठक में उन्होंने कहा कि सभी को विरोध करने का अधिकार है, लेकिन यह विरोध हिंसा या औद्योगिक प्रतिष्ठानों को नुकसान पहुंचाने वाला नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर आरोपी नुकसान की भरपाई नहीं करते हैं, तो उनकी संपत्तियों की नीलामी करके भी वसूली की जाएगी।
28 जून को पारित किए हैं दो अहम विधेयक
दरअसल, पश्चिम बंगाल विधानसभा ने 28 जून को कानून-व्यवस्था को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से दो अहम विधेयक पारित किए हैं। इनमें 'पश्चिम बंगाल जन सुरक्षा एवं असामाजिक गतिविधियों पर नियंत्रण अधिनियम, 2026' और 'पश्चिम बंगाल जनव्यवस्था रखरखाव (संशोधन) अधिनियम, 2026' शामिल हैं। सरकार का कहना है कि इन कानूनों के जरिए संगठित अपराध, हिंसक गतिविधियों और सार्वजनिक अव्यवस्था से प्रभावी ढंग से निपटा जा सकेगा।टाइम्स नाउ नवभारत पर इसे भी पढ़ें- एक ही वार में सबको खत्म कर सकते हैं....खामेनेई के अंतिम संस्कार में जुटे ईरानी नेताओं पर ट्रंप का बयान
नए विधेयकों में हैं ये प्रावधान
नए विधेयकों के तहत सार्वजनिक व्यवस्था भंग करने, सरकारी और निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने तथा औद्योगिक गतिविधियों में बाधा डालने वालों के खिलाफ पहले से अधिक कड़ी कार्रवाई का प्रावधान किया गया है। सरकार का मानना है कि इससे हिंसक प्रदर्शनों और तोड़फोड़ की घटनाओं पर रोक लगाने में मदद मिलेगी और निवेशकों का भरोसा भी मजबूत होगा।
राज्य में कानून हाथ में लेने वालों की खैर नहीं
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में दोहराया कि सरकार शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकार का सम्मान करती है, लेकिन कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई से पीछे नहीं हटेगी। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में विकास, उद्योग और रोजगार के लिए सुरक्षित माहौल बनाए रखना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी कीमत पर हिंसा या अराजकता को बढ़ावा नहीं देने दिया जाएगा।
