बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार के बीच भारत सरकार ने एक बांग्लादेशी हिंदू को ही भारत की नागरिकता दे दी है। असम में रहने वाले डुलन दास को भारत से नागरिकता मिल गई है। डुलन दास अब पहले ऐसे व्यक्ति हो गए हैं, जिन्हें सीएए के तहत असम में नागरिकता मिली है।
असम में सीएए के तहत मिली पहली नागरिकता
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बांग्लादेश के सिलहट में रहते थे डुलन दास
मूल रूप से बांग्लादेश के सिलहट निवासी दास ने 1988 में भारत में प्रवेश किया और कछार जिले के सिलचर में बस गए। उनके एक रिश्तेदार ने कहा कि उन्होंने राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) के लिए आवेदन नहीं किया था, लेकिन अपनी अवैध स्थिति के बावजूद मतदाता कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस और पैन और आधार कार्ड सहित विभिन्न सरकारी दस्तावेज प्राप्त करने में कामयाब रहे।
असम के पहले व्यक्ति
सिलचर निवासी दुलोन दास नागरिकता (संशोधन) अधिनियम (सीएए) के तहत भारतीय नागरिकता प्राप्त करने वाले असम के पहले व्यक्ति बन गए हैं। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 13 अगस्त, 2024 को दोपहर 3:41 बजे दास को उनके सफल आवेदन की सूचना दी। 50 वर्षीय दास ने 1 अप्रैल, 2024 को पंजीकरण संख्या 202400800772 के साथ नागरिकता के लिए आवेदन किया था। उनका परिवार बार-बार हमलों के कारण 1988 में बांग्लादेश के सिलहट क्षेत्र से सिलचर चला गया था।
भारतीय महिला से की शादी
आवेदन प्रक्रिया के दौरान दास ने अपने पिता का एक भूमि विलेख प्रदान किया, जिन्होंने 1986 में सिलहट जिले में जमीन खरीदी थी। दास ने एक भारतीय महिला से शादी की है, और उनके दो बच्चे हैं जिनका जन्म असम में हुआ है।
