PFI पर प्रतिबंध BJP की ओर से अघोषित इमरजेंसी- SDPI, केंद्रीय मंत्री ने कहा- राष्ट्रीय सुरक्षा से नहीं करेंगे कोई समझौता

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  • Updated Sep 28, 2022, 10:11 AM IST

दरअसल, केंद्र सरकार ने कथित रूप से आतंकी गतिविधियों में संलिप्तता के कारण ‘पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया’ (पीएफआई) और उससे संबद्ध कई अन्य संगठनों पर प्रतिबंध लगा दिया है। आतंकवाद रोधी कानून ‘यूएपीए’ के तहत ‘रिहैब इंडिया फाउंडेशन’ (आरआईएफ), ‘कैंपस फ्रंट ऑफ इंडिया’ (सीएफ), ‘ऑल इंडिया इमाम काउंसिल’ (एआईआईसी), ‘नेशनल कॉन्फेडरेशन ऑफ ह्यूमन राइट्स ऑर्गेनाइजेशन’ (एनसीएचआरओ), ‘नेशनल विमेंस फ्रंट’, ‘जूनियर फ्रंट’, ‘एम्पावर इंडिया फाउंडेशन’ और ‘रिहैब फाउंडेशन’(केरल) को भी प्रतिबंधित किया गया है।

पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) और उससे जुड़े कई अन्य संगठनों पर प्रतिबंध को लेकर सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (एसडीपीआई) ने अपनी नाराजगी जाहिर की है। एसडीपीआई के अध्यक्ष एमके फैजी ने कहा है कि बीजेपी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार का यह फैसला सीधे तौर पर लोकतंत्र और भारतीय संविधान में निहित लोगों के अधिकार पर हमला है।

pfi ban in india

तस्वीर का इस्तेमाल सिर्फ प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है।

उनके मुताबिक, भाजपा शासन की गलत और जनविरोधी नीतियों के खिलाफ जिसने भी बात की, उसे गिरफ्तारियों और छापेमारी की धमकियों का सामना करना पड़ा है। अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, विरोध और संगठन को भारतीय संविधान के मूल सिद्धांतों के खिलाफ शासन की ओर से बेरहमी से दबा दिया गया है। सरकार जांच एजेंसियों और कानूनों का दुरुपयोग विपक्ष को चुप कराने और लोगों को असंतोष की आवाज व्यक्त करने से डराने के लिए कर रही है। देश में एक अघोषित आपातकाल स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है।

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