Saharanpur Mosque Demolition: उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले से शनिवार तड़के आई एक खबर ने राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है। सहारनपुर कलेक्टरेट परिसर के भीतर स्थित एक मस्जिद को प्रशासन द्वारा अवैध निर्माण बताते हुए ढहा दिया गया। इस कार्रवाई के सामने आते ही ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है और केंद्र तथा राज्य सरकार पर तीखा जुबानी हमला बोला है।
सहारनपुर डिमोलिशन पर असदुद्दीन ओवैसी का योगी सरकार पर बड़ा हमला
ओवैसी ने शनिवार को बयान जारी करते हुए सीधे तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भारतीय जनता पार्टी, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधा। उन्होंने गंभीर सवाल उठाते हुए पूछा कि डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर द्वारा भारतीय संविधान में दी गई धार्मिक स्वतंत्रता की गारंटी क्या देश के मुस्लिम नागरिकों पर लागू नहीं होती है?
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AIMIM प्रमुख ने दावा किया कि सहारनपुर कलेक्टरेट के अंदर बनी यह मस्जिद कोई नया निर्माण नहीं थी, बल्कि यह 1911 या उससे भी पहले से वहां मौजूद थी और एक मुस्लिम व्यक्ति द्वारा दान की गई निजी जमीन पर बनाई गई थी। ओवैसी के अनुसार, यह मस्जिद सितंबर 2026 तक लगातार सक्रिय थी। करीब डेढ़ महीने पहले जिलाधिकारी की ओर से एक आदेश जारी कर इसे अवैध घोषित किया गया था। मामला अदालत में भी गया, लेकिन निचली अदालत से स्टे (स्थगन आदेश) नहीं मिल सका।
ओवैसी ने कार्रवाई पर उठाए गंभीर सवाल
ओवैसी ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि शनिवार तड़के 5 बजे इतनी जल्दबाजी में मस्जिद को ढहाने की क्या जरूरत थी? उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार को डर था कि मामला हाईकोर्ट पहुंचेगा तो उनकी गलती पकड़ी जाएगी, इसीलिए बिना ऊपरी अदालत के फैसले का इंतजार किए तड़के "चोरों की तरह" यह कार्रवाई की गई।
राज्य में कानून का शासन खत्म- AIMIM चीफ
उन्होंने आगे कहा कि 'वाक्फ बाय यूजर' और कानून के कई सिद्धांत मस्जिद के पक्ष में थे, फिर भी असंवैधानिक तरीके से इसे तोड़ दिया गया। ओवैसी ने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में इस तरह की कार्रवाइयों से संविधान को कमजोर करने की साजिश रची जा रही है और दुनिया भर में यह संदेश जा रहा है कि राज्य में कानून का शासन खत्म हो चुका है।
