Arvind Kejriwal Arrest: दिल्ली आबकारी नीति मामले में ईडी द्वारा गिरफ्तार दिल्ली के CM अरविंद केजरीवाल को आज अदालत में 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। आज ED ने केजरीवाल को राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश करते हुए 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजने की मांग की। साथ ही कहा कि केजरीवाल ने अभी तक अपना फोन नहीं सौंपा है। बहरहाल, अदालत ने ईडी की मांग मंजूर करते हुए केजरीवाल को 15 अप्रैल तक न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दे दिया। इस दौरान ED ने अपने प्रार्थना पत्र में कई महत्वपूर्ण बिंदु का जिक्र किया।
ED के प्रार्थना पत्र के महत्वपूर्ण बिंदु
1. अरविंद केजरीवाल ने पूछताछ के दौरान गलत और विरोधाभासी बयान दिए। आम आदमी पार्टी के अन्य नेताओं के बयानों को गलत करार दे दिया।2. पार्टी के कोषाध्यक्ष एनडी गुप्ता के बयान से जब केजरीवाल का आमना सामना कराया गया तो उन्होंने इसे कन्फ्यूज बता दिया। दरअसल एनडी गुप्ता ने बयान दिया कि पार्टी से जुड़े महत्वपूर्ण फैसले पार्टी के संयोजक केजरीवाल लेते हैं तो उन्हें कन्फ्यूज बता दिया।
3. केजरीवाल ने आम आदमी के कम्युनिकेशन इंचार्ज रह चुके विजय नायर से पल्ला झाड़ लिया और कहा कि नायर उन्हे नहीं बल्कि आतिशी और सौरभ को रिपोर्ट करते थे। केजरीवाल ने कहा कि नायर से उनकी बहुत कम बातचीत होती थी।

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4. ED ने आशंका जताई है कि केजरीवाल प्रभावशाली शख्सियत हैं। और अगर वो जमानत पर आए तो सबूतों से छेड़छाड़ कर सकते हैं, गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं..और जांच में असर डाल सकते है।
5. शराब घोटाले से जो रिश्वत हवाला के जरिए मिली उसका सबसे बड़ा फायदा आम आदमी पार्टी को मिला।
6. दिल्ली के सीएम केजरीवाल ही आम आदमी पार्टी के मुखिया हैं। ऐसे में चाहे शराब नीति बनानी हो या उसके बदले में रिश्वत की मांग और फिर रिश्वत का इस्तेमाल चुनावों में करना हो ये सारा षड्यंत्र केजरीवाल ही करते थे। इन सारे अपराधों में केजरीवाल की सीधी भूमिका है।
7. केजरीवाल हवाला के जरिए मिली रिश्वत में 45 करोड़ रुपए गोवा में चुनाव प्रचार के दौरान इस्तेमाल करने के लिए व्यक्तिगत तौर पर आरोपी हैं।

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8. ईडी ने कहा है दूसरे अपराधाओं की तुलना में आर्थिक अपराध की जांच ज्यादा चुनौतीपूर्ण है। शराब घोटाले में अरविंद केजरीवाल समेत बाकी आरोपियों की भूमिका की और गहनता से जांच हो रही है। सारे ही आरोपी बेहद सक्षम और प्रभावपूर्ण हैं।
9. अरविंद केजरीवाल 45 करोड़ रुपये के हवाला के सबूत भी दिखाए गए, जिनमें कि सीडीआर की लोकेशन, कॉल रिकॉर्ड, इनकम टैक्स द्वारा जब्त किए गए एक हवाला फर्म के रिकोर्ड, कैश और ऑनलाइन ट्रांसफर किए गए बिल, व्हाट्सएप में किए गए पेमेंट के सबूत हैं।

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10. इसके अलावा केजरीवाल को गोवा में आम आदमी पार्टी के प्रचार अभियान में शामिल लोगों के बयान से भी आमना सामना कराया गया जिन्होंने गोवा में पार्टी के लिए काम कर रहे चनप्रीत सिंह से पैसा नगद में लिया था। ईडी ने कहा है ये सभी सबूत दिखाने के बाद भी केजरीवाल ने इसकी जानकारी होने से इंकार कर दिया। जबकि फंड को लेकर सारा फैसला केजरीवाल ही करते थे।
